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ऑनलाइन टिकट बुकिंग घोटाले की जांच एसटीएफ को

प्रबंध निदेशक ने एसटीएफ के आईजी से मिलकर जांच की सिफारिश की

एसटीएफ की टीम पहुंची निगम मुख्यालय तो अफसरों में मचा हड़कंप

तीन जुलाई को ऑनलाइन सीट बुकिंग में सेंध लगने का खुलासा हुआ था

निगम मुख्यालय की जांच में लाखों रुपये गबन का मामला सामने आया

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

ऑनलाइन बसों में सीट बुकिंग घोटाले की जांच एसटीएफ करेगी। परिवहन निगम मुख्यालय पहुंचे एसटीएफ के अधिकारियों ने सभी कागजात अपने कब्जे में लिया है। इसी कागजात के जरिए घोटाले के तह तक पहुंचने की तैयारी है। अभी तक इस मामले में किसी भी अफसर से पूछताछ नहीं हुई है। पर एसटीएफ के पहुंचने से निगम मुख्यालय के अफसरों में हड़कंप जरूर मचा है।

परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरु प्रसाद ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर जांच में जो मामला सामने आया है उसमें पांच सौ टिकट और नौ लाख 42 हजार गबन हुआ है। अब इस मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए एसटीएफ के आईसी से जांच करने की गुजारिश की गई थी। इसी के बाद से एसटीएफ हरकत में आकर जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। जांच में हर स्तर पर अधिकारियों से जल्द ही पूछताछ होगी। इस पूरे प्रकरण में इनकी क्या भूमिका है। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ ने हैकर से पूछताछ की है। पूछताछ में हैकर ने दावा किया है कि बड़े स्तर पर टिकट बुकिंग के पैसों का गबन किया जा रहा है। जिसमें ट्राईमैक्स और मुख्यालय के अफसरों की भूमिका संदिग्ध माना जा रहा है।

जांच रिपोर्ट में ट्राईमैक्स कंपनी दोषी

परिवहन निगम की वेबसाइट यूपीएसआरटीसी डॉट कॉम पर सेंध लगाकर हैकर ने फ्री में बस यात्रा कर डाली। इस मामले का खुलासा बीते तीन जुलाई को हुआ था। मामले की जांच के लिए एमडी ने मुख्यालय पर तैनात पांच सदस्यीय लेखाकार की टीम गठित की थी। जांच कमेटी ने अपने रिपोर्ट में एक जून से तीन जुलाई के बीच दस लाख रुपये के आसपास के टिकट बुक होने का पैसा गायब मिला। जिसकी जांच रिपोर्ट में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की जिम्मेदारी संभालने वाली ट्राईमैक्स कंपनी को दोषी ठहराया गया है।

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