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एमएसटीधारकों के इंतजार में धूल खा रहे दो हजार स्मार्ट कार्ड

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

रोडवेज बस से सफर करने वाले एमएसटीधारकों के इंतजार में दो हजार से ज्यादा स्मार्ट कार्ड कैसरबाग बस अड्डे पर धूल खा रहे है। जनवरी 2017 से जून 2018 के बीच दो हजार से ज्यादा लोगों ने स्मार्ट कार्ड में एमएसटी बनवाने का आवेदन किया था। पर आज तक स्मार्ट कार्ड में तैयार एमएसटी लेने नहीं पहुंचे। ऐसे में कैसरबाग बस अड्डे पर हजारों स्मार्ट कार्ड एमएसटीधारकों के इंतजार में पड़े हुए है।

परिवहन निगम और आईसीआईसीआई बैंक के साथ हुए अनुबंध के मुताबिक दो तरह के एमएसटी स्मार्ट कार्ड में जारी किए जा रहे है। दोनों कार्डो की वैधता पांच वर्ष तक रहती है। पहला स्मार्ट कार्ड मासिक सीजनल टिकट के तौर पर जारी होता है। जिसमें यात्री को एक माह में 36 ट्रिप सफर के एवज में मात्र 18 ट्रिप का किराया देना होता है। दूसरा स्मार्ट कार्ड 50 रुपये देकर रजिस्ट्रेश्न होता है। इस कार्ड में 500 रुपये से रिचार्ज होता है और हर रिचार्ज पर 20 फीसदी अतिरिक्त यानी पांच सौ के रिचार्ज पर छह सौ रुपये की बस यात्रा करने की सुविधा मिलती है।

रसीद दिखाकर काउंटर से हासिल करें कार्ड

कैसरबाग बस अड्डे के कर्मचारी ने बताया कि जिन लोगों ने स्मार्ट कार्ड में एमएसटी का रजिस्ट्रेशन कराया था। उनका कार्ड बनकर आ गया है। पर आवदेक डेढ़ वर्ष से कार्ड लेने नहीं पहुंचे। ऐसे कार्ड धारक रसीद दिखाकर कैसरबाग बस अड्डे के काउंटर से स्मार्ट कार्ड हासिल कर सकते है।

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