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पानी मेरा हक : अलीगंज में जलसंकट, परियोजना कागजों तक सीमित

राजधानी लखनऊ के अलीगंज बीते कई वर्षों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। जलस्तर हर साल एक मीटर नीचे गिर रहा है और ट्यूबवेल लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहे हैं। पानी कम, बालू ज्यादा आ रही है। बीते वर्ष ट्यूबवेल की बोरिंग 360-380 फुट पर हो रही थी, अब 400 फुट से ज्यादा पर हो रही है। क्षेत्र के 131 ट्यूबवेलों में ज्यादातर का वॉटर डिस्चार्ज आधा रह गया है। 
अलीगंज में शहर के पॉश इलाके निरालानगर, महानगर, डालीगंज, फैजुल्लागंज, जानकीपुरम प्रथम व द्वितीय और जानकीपुरम विस्तार आदि आते हैं। 

यहां करीब 8 लाख की आबादी पानी के लिए पूरी तरह ट्यूबवेल पर निर्भर है। दो दशक  से यहां वॉटर रिजर्वायर और वॉटर वर्क्स की मांग हो रही है, लेकिन आज तक कुछ भी धरातल पर नहीं उतरा। सरकारी विभागों के ढुलमुल रवैये के कारण यहां रहने वाले लोग हर वर्ष गर्मियों में पानी के लिए दर-दर भटकते हैं। 

कागजों तक सीमित वॉटर वर्क्स की योजना : अलीगंज व आसपास के इलाकों में जलापूर्ति के लिए वॉटर वर्क्स की वर्षों से जरूरत महसूस की जा रही है। 10 साल से ज्यादा वक्त से अलीगंज के लिए घैला में प्रस्तावित वॉटर वर्क्स कागजों तक ही सिमट कर रह गया है। पूर्व जलकल महाप्रबंधक राजीव कुमार बाजपेई का मानना है कि लगातार घटते भूजल स्तर के मद्देनजर शहरों की जलापूर्ति व्यवस्था सरफेस वॉटर से ही सुदृढ़ की जा सकती है। बिना वॉटर वर्क्स बनाए पानी की समस्या का समाधान नहीं हो सकेगा, लेकिन घैला में जमीन उपलब्ध न हो पाने से वॉटर वर्क्स स्थापित किए जाने का काम बंद पड़ा है। 

बदबूदार पानी से बीमारी फैलने का अंदेशा: अलीगंज सेक्टर एम, एन, जी समेत मेहंदीटोला, पांडेय टोला, बनारसीटोला, डालीगंज, लवकुशनगर, फैजुल्लागंज समेत दर्जनों मोहल्लों में रहने वाले लोगों को गंदे व बदबूदार पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पीले रंग का बदबूदार पानी सप्लाई होने से हर साल फैजुल्लागंज में संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। इससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है।

अलीगंज
ट्यूबवेल है लेकिन नहीं मिल रहा पानी 
गुलाचीन मंदिर के पास सेक्टर एम अलीगंज कॉलोनी के पार्क में ट्यूबवेल लगा होने पर भी लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।  इंदू शर्मा, रेनू सिंह व इंद्रावती शर्मा का कहना है कि कई दिनों से जलापूर्ति ठप चल रही है। इस ट्यूबवेल से आसपास के इलाकों में पानी सप्लाई किया जाता है लेकिन यहां रहने वालों को पानी नहीं मिल रहा है।  

फैजुल्लागंज
85 प्रतिशत इलाके में पाइपलाइन ही नहीं
डेढ़ लाख की आबादी वाले फैजुल्लागंज के 85 प्रतिशत इलाके में आज तक पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई।  आलम यह है कि सबमर्सिबल टंकियों व हैंडपम्प के आगे महिलाओं व बच्चों की लम्बी-लम्बी लाइनें देखने को मिलती हैं। संतोष त्रिपाठी व मुरली प्रसाद वर्मा का कहना है कि इलाके में 36 इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं।

बोले जिम्मेदार
समूचे अलीगंज क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था बहुत खराब है। लोगों को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। बिना मोटर लगाए घरों में पानी ही नहीं आता है।
- शैलेंद्र तिवारी, पूर्व पार्षद

इलाके की ज्यादातर पाइपलाइनें के डैमेज हैं। जिससे गंदे व बदबूदार पानी की सप्लाई होती है। पानी में बालू आना रोजमर्रा की समस्या है। अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। 
- राजेश तिवारी, पूर्व पार्षद फैजुल्लागंज


जनता बोली 
आए दिन घरों में गंदे पानी की आपूर्ति होती है। शिकायत करने पर समस्या दूर नहीं होती है। जिससे परेशान होकर लोग सबमर्सिबल पंप लगाने को मजबूर हैं।  - रुचि, सेक्टर एम अलीगंज


आए दिन गंदा पानी आता है। कभी पीले रंग का बदबूदार पानी तो कभी अत्यधिक मात्रा में बालू आती रहती है। शिकायत दर्ज कराने पर भी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है।
- अन्नू, सेक्टर एम अलीगंज

सेक्टर एन वन में एक महीने से जलापूर्ति बाधित है। पानी के लिए लोग को देर रात तक जागने को मजबूर हैं। दो-दो बजे तक एक-एक बाल्टी पानी के लिए परेशान रहते हैं।
- रवींद्र शर्मा, सेक्टर एन वन

जलकल विभाग लोगों को जरूरत भर का पीने का पानी तक नहीं मुहैया करा पा रहा है। समय पर कभी पानी नहीं आता। बिना टुल्लू के पानी आता ही नहीं है। 
- सलमान मलिक, सेक्टर एम अलीगंज 
 

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