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पुराना हैदरगंज में दूषित पानी सप्लाई से परेशान लोगों ने किया प्रदर्शन

- एक महीने से अधिक समय से पेयजल संकट झेलने को मजबूर हजारों लोग

लखनऊ। निज संवाददाता

पेयजल संकट से बेहाल पुराना हैदरगंजवासियों ने हाथों में खाली बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया। एक महीने से अधिक समय से पानी संकट से जूझ रहे लोगों में जलकल विभाग के प्रति खासी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि कइयों बार समरस्या से अवगत कराने पर भी आज तक समाधान नहीं हो सका है।

बाजारखाला थाने सामने वाली गली में 293/210 पुराना हैदरगंज निवासी ज्ञानेश बाजपेई ने बताया कि बीते एक माह से गंदा व बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। काले रंग के पानी में सीवर जैसी दुर्गंध आती है। जिसको पीना तो दूर अन्य काम में भी इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता है। जब भी जलकल महकमे के अधिकारियों से इसकी शिकायत करो तो कहा जाता है कि काला है तो क्या हुआ पानी पीने वाला है। जलकल विभाग की कार्यशैली से लोगों में नाराजगी है। 293/260 पुराना हैदरगंज निवासी सुदीप बनर्जी ने बताया कि उनकी गली में पानी आता ही नहीं है। अगर कभी आ गया तो गंदा व बदबूदार आता है।

स्वास्थ्य विभाग से पानी की जांच की मांग

प्रभाकर बनर्जी, अनिल मिश्रा, ब्रजेश बाजपेई, नीरज गुप्ता, जितेंद्र वर्मा, आकाश श्रीवास्तव व स्वाति गुप्ता ने मांग की है कि इलाके में सप्लाई हो रहे पानी की स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की है। साथ ही सरकार से मामले का संज्ञान लेते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की भी मांग की है। लोगों ने बताया कि साफ पानी के लिए दूरदराज इलाकों में लगी सबमिर्सबल टंकियों से पानी लाना पड़ता है। एक महीने से अधिक समय से पांच हजार से अधिक लोग गंदे पानी की समस्या झेल रहे हैं। शिकायत दर्ज कराने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यदि समय रहते समस्या न दूर की गई तो लोग जलकल मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

शारदा नहर से पानी छोड़े जाने से गुणवत्ता में आ रहा सुधार

जीएम जलकल एसके वर्मा ने बताया कि शारदा नहर से रोजाना 100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गोमती का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता में सुधार आना शुरू हो गया है। जैसे-जैसे नहर से छोड़े गए पानी मात्रा गोमती में बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे पानी की क्वालिटी में सुधार होता चला जाएगा। उनका दावा है कि ऐशबाग व बालागंज जलकल से विभिन्न इलाकों में शुद्ध पानी सप्लाई हो रहा है। वहीं जलकल सचिव नीरज गौड़ ने बताया कि पानी में घुलनशील ऑक्सीजन का स्तर भी अच्छा है। गुरुवार को पानी में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा 5.6 रही। हालांकि ज्यादातर इलाकों में लोगों ने माना कि पिछले 15 दिन जिस तरह का गंदा पानी आया। उसमें 50 फीसदी सुधार आया है। लेकिन अभी भी पानी पीले रंग का आ रहा है और इसमें बदबू पूरी तरह से नहीं गई है।

बीते कई दिनों से ऐशबाग व बालागंज होने वाले गंदे व बदबूदार पान

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