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स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता नहीं देख पा रहे अपना बैलेंस, 9 लाख से ज्यादा प्रभावित

स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता नहीं देख पा रहे अपना बैलेंस, 9 लाख से ज्यादा प्रभावित

संक्षेप:

Lucknow News - प्रदेश में नौ लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता अपना बैलेंस तक नहीं देख पा रहे हैं। जीनस कंपनी के मीटरों में यह दिक्कत आ रही है। जानकारों के मुताबिक यह तकनीकी खामी लंबे समय से बनी है। उपभोक्ताओं को न तो मीटर में अपने बैलेंस की जानकारी मिल रही है और न ही ऐप पर दिखा रहा है ।

Jan 20, 2026 01:53 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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प्रदेश में नौ लाख से ज्यादा स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ता अपना बैलेंस तक नहीं देख पा रहे हैं। जीनस कंपनी के मीटरों में यह दिक्कत आ रही है। जानकारों के मुताबिक यह तकनीकी खामी लंबे समय से बनी है। उपभोक्ताओं को न तो मीटर में अपने बैलेंस की जानकारी मिल रही है और न ही ऐप पर दिखा रहा है । पूरे प्रदेश में लगभग 61 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 47 लाख 43 हजार 499 मीटर प्रीपेड मोड में चल रहे हैं। इन उपभोक्ताओं में से 10.97 लाख उपभोक्ताओं का बैलेंस नेगेटिव दिखा रहा है।

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पावर कॉरपोरेशन नेगेटिव बैलेंस वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की बात कह रहा है। ऐसे में वे उपभोक्ता भी परेशान हैं, जिन्हें पता ही नहीं चल पा रहा कि उनका बैलेंस क्या है? जीनस कंपनी पूरे प्रदेश में कई जगहों पर मीटर लगा रही है। इनमें दक्षिणांचल में लगाए गए 356788, पूर्वांचल में 478970, केस्को में 72195 और अन्य वितरण कंपनियों में लगे तमाम मीटरों में कोई बैलेंस नहीं दिखाई दे रहा है। प्रदेश में 9 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं के यहां मीटर में दैनिक बैलेंस नहीं दिख रहा है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बैलेंस न दिखाना, एक ही उपभोक्ता के दो अलग-अलग खातों में अलग बैलेंस दिखाना और इस तरह की तमाम तकनीकी खामियां स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में दिख रही हैं। जब तक खामियां दूर न कर ली जाएं तब तक किसी भी उपभोक्ता पर कोई कार्रवाई न हो। उन्होंने कहा कि नियामक आयोग के आदेश के विपरीत उपभोक्ताओं को मासिक बैलेंस व बिल समरी भी नहीं उपलब्ध करवाई जा रही है। पावर कॉरपोरेशन के स्मार्ट प्रीपेड मीटर विंग एवं संबंधित निदेशक को इस तरह की तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों से अवगत करवा दिया गया है।