Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsOver 500 Drivers to Rejoin Transport Corporation After City Transport Services Shutdown
महानगर परिवहन सेवा के परिचालक फिर से परिवहन निगम में काम करेंगे

महानगर परिवहन सेवा के परिचालक फिर से परिवहन निगम में काम करेंगे

संक्षेप:

Lucknow News - महानगर परिवहन की बसों का संचालन बंद होने से बेरोजगार हो गए थे 500

Nov 20, 2025 08:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. की डीजल व सीएनजी बसों का परिचालन बंद होने से बेरोजगार हुए 500 से अधिक परिचालकों को फिर नौकरी मिलने जा रही है। परिवहन निगम इन्हें संविदा के आधार पर रखेगा। परिवहन निगम के एमडी पीएन सिंह ने कहा कि वर्ष 2009 से महानगर परिवहन सेवा में काम कर रहे इन परिचालकों के अनुभवों का फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में नगरीय विकास विभाग के अधीन कई शहरों में महानगर परिवहन सेवा की स्थापना की गई थी। उस समय सीएनजी व डीजल से चलने वाले वाहनों का संचालन शुरू किया गया था। इन वाहनों के संचालन की जिम्मेदारी निगम के अफसरों व पर्यवेक्षकों को दी गई थी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

उस समय इन्हें आउटसोर्सिंग के जरिए नहीं बल्कि निगम ने सीधे ही नियुक्त किया गया था। वर्तमान में सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लि. संचालित बसों की उम्र पूरी होने से संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। ये बसें भी नीलाम हो रही हैं। इसी वजह से काफी परिचालक बेरोजगार हो गए। इस पर ही निगम ने इन्हें अपने यहां फिर से रखने का निर्णय लिया है। इस पर चर्चा हुई तो सहमति बनी कि 15 साल से अधिक परिचालन अनुभव को देखते हुए इन्हें निगम स्तर पर निर्धारित शर्तों के अधीन परिचालक पद पर पुनः रखा जाना सही रहेगा। एमडी के मुताबिक इसका फायदा परिवहन निगम को भी मिलेगा। साथ ही निगम में परिचालकों की कमी दूर हो सकेगी। इन शर्तों के पूरी करने पर निगम रखेगा परिचालकों को एमडी ने बताया कि कई महानगरों में महानगरीय परिवहन सेवाओं में कार्यरत संविदा परिचालक पहले परिवहन निगम से सीधे रखे गए थे। इनकी सिक्योरिटी मनी भी जमा हुई थी। ऐसे परिचालक अगर फिर से निगम में अपनी सेवा देना चाहते हैं, तो उनके पास वैध परिचालक लाइसेंस होना जरूरी है। उने खिलाफ कोई मुकदमा नहीं होना चाहिए। साथ ही उनका पहले का अनुबंध कभी टूटा न हो। इनके पास इंटरमीडिए उत्तीर्ण होने की योग्यता के साथ केन्द्र अथवा राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था का सीसीसी कम्प्यूटर प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। जिन परिचालकों के पास सीसीसी प्रमाण पत्र नहीं होगा, उन्हें इसके लिए छह महीने का समय दिया जाएगा। इस अवधि में उन्हें यह प्रमाण पत्र पाना होगा। इनकी वरिष्ठता अब कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से ही मानी जाएगी।