DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ब्यूटीफुल माइंडस प्ले स्कूल में ऑक्यूपेशनल थेरपी डिपार्टमेंट का शुभारंभ

ऑटिज्म समेत अन्य मानसिक बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए आक्यूपेशनल थेरपी काफी मददगार होती है। रविवार को निराला नगर, विवेकानंद पॉलिक्लिनिक के सामने स्थित ब्यूटीफुल माइंडस प्ले स्कूल में ऑक्यूपेशनल थेरपी डिपार्टमेंट का शुभारंभ हुआ। हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की पूर्व डिप्टी डायरेक्टर व विवेकानंद पॉलिक्लिनिक में ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ माला तिवारी ने इसका उद्घाटन किया।

स्कूल की प्रधानाचर्या अपराजिता सेठी ने बताया कि इससे ऑटिज्म, हाइपर एक्टिविटी, लर्निंग डिसएबिलिटी से ग्रसित बच्चो को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों का ठीक होना मुश्किल है क्योंकि यह एक प्रकार की विकास संबंधी बीमारी है। लेकिन सही प्रशिक्षण से इनकी हालत में सुधार किया जा सकता है। रोजमर्रा के काम करने में असमर्थ यह धीरे-धीरे अपने काम करना सीखना शुरू कर देते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सुझाव दिया कि ऑटिस्टिक बच्चों को कुछ सिखाने के लिए जल्दबाजी न करें। उन्हें धीरे-धीरे बात समझाने की कोशिश करें। इसके बाद उन्हें बोलना सिखाएं। बड़े-बड़े शब्दों की जगह पर उनसे छोटे-छोटे वाक्यों में बात करें।ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट डॉ रोसालिन नाथ ने बताया कि ऑक्यूपेशनल थेरेपी के साथ साथ स्पीच थेरेपी व स्पेशल एजुकेशन का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। विशेषज्ञ अभिवावकों के साथ बैठकर बच्चों की सारी कमियों की पहचान कराते हैं और उन्हें यह बताते हैं कि इन खामियों से कैसे निपटा जा सकता है। इस मौके पर स्कूल की कॉर्डिनेटर रितिका चावला, स्पेशल एजुकेटर सन्तोष अरोडा, विजय सेठी, अमर सिंह, डॉ आशुतोष वर्मा, डॉ नीरज और शालिनी समेत कई चिकित्सक मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:occupational therapy