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राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का पुर्नगठन, फागू चौहान बने चेयरमैन

विशेष संवाददाता--राज्य मुख्यालयउत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का पुर्नगठन कर दिया है। मऊ जिले की घोसी सीट से विधायक फागू चौहान को आयोग का चेयरमैन बनाया गया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव महेश कुमार गुप्ता की ओर से इस बाबत बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया गया। फागू चौहान को राज्य पिछड़ा वर्ग का चेयरमैन के नाते राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। उन्हें वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। फिलहाल उनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। लखीमपुर खीरी के हीरा ठाकुर व सहारनपुर के रामपुर मनिहारन निवासी जसवंत सैनी को आयोग का उपाध्यक्ष नामित किया गया है। इन दोनों को उपमंत्री का दर्जा प्राप्त होगा। उन्हें वेतन, भत्ते व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। नवगठित पिछड़ा वर्ग आयोग में 24 सदस्य भी नामित किए गए हैं। इनमें सम्भल के गुलफाम यादव, बागपत के रामपाल नेहरा, शामली के रामजीलाल कश्यप, मुजफ्फरनगर के जगदीश पांचाल, गौतमबुद्धनगर के विजेन्द्र भाटी, बरेली पूरण लाल लोधी, अलीगढ़ के चौधरी नत्थी सिंह शामिल हैं।आगरा के राकेश कुशवाहा, झांसी के रामकिशोर साहू, बांदा के डा.बी.डी.प्रजापति, कानपुर के मुखलाल, हमीरपुर की श्रीमती शकुंतला निषाद, उन्नाव के रामचन्द्र वर्मा, फैजाबाद के बलराम मौर्य, देवरिया के डा.त्रिपुणायक विश्वकर्मा, चन्दौली के शिवशंकर पटेल, गाजीपुर के प्रभुनाथ चौहान, गोरखपुर के रामजियावन मौर्य, गोरखपुर के राधेश्याम सैंथवार, देवरिया के चौधरी लक्ष्मण सिंह, गोरखपुर के पूर्व डिप्टी मेयर चिरंजीव चौरसिया, मीरजापुर के राजबहादुर सिंह, अमरोहा के चन्द्रपाल खडगवंशी और आजमगढ़ के रामसूरत राजभर को भी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग मे सदस्य नामित किया गया है। प्रदेश की सभी ओबीसी बिरादरियों का होगा समुचित कल्याण-फागू चौहान फागू चौहान ने कहा है कि आयोग के चेयरमैन के नाते उनका पूरा जोर उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग की सभी बिरादरियों का समुचित कल्याण करना होगा। 'हिन्दुस्तान' से उन्होंने कहा कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहले यह देखेंगे कि आयोग में उन्हें क्या अधिकार हासिल हैं और फिर उसी के अनुरूप कार्य करेंगे। प्रदेश की कुछ अन्य बिरादरियों को अन्य पिछड़ा वर्ग के दायरे में लाने और पिछड़ा वर्ग में आने वाले अति पिछड़ों का आरक्षण अलग किए जाने के मुद्दे पर फिलहान उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। फागू चौहान 1985 में लोकदल से घोसी विस सीट से पहली बार विधायक चुने गये थे। इसके बाद लोकदल जब जनता दल बना तो उसमें चले गए। इसके बाद 1994-95 में कल्याण सिंह के समय में भाजपा में आए। भाजपा नेतृत्व से मनमुटाव के चलते कल्याण सिंह भाजपा से अलग हुए तो फागू चौहान भी उनके साथ हो लिए। वर्ष 2005 में वह बसपा में आए। 2007 के चुनाव में बसपा के टिकट पर घोसी सीट से फिर विधायक चुने गए और मंत्री भी बने। वर्ष 2012 के विस चुनाव में बसपा के टिकट पर इसी सीट से चुनाव हार जाने के बाद वर्ष 2013 में वह भाजपा में आ गए और 2017 के विस चुनाव में भाजपा के टिकट पर घोसी से फिर विधायक चुने गये।

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