Now you will not wander destitute and destitute - अब नही भटकेंगी निराश्रित व बेसहारा गायें DA Image
18 नबम्बर, 2019|2:02|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब नही भटकेंगी निराश्रित व बेसहारा गायें

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कुर्सी संभालते ही गायों के संरक्षण की जो बात कही थी, आखिर वह फलीभूत होने जा रही है। बाराबंकी समेत प्रदेश के 68 जिलों (7 जिले छोड़कर) में गो संरक्षण केन्द्रों की स्थापना का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। केन्द्रों के निर्माण के लिए पहली किस्त के रुप में जिलों को 50-50 लाख रुपए की दर से कुल 34 करोड़ रुपए सरकार ने जारी कर दिए हैं। शासन ने निर्देश दिया है कि ये गो संरक्षण केन्द्र इसी वित्तीय वर्ष में बनकर तैयार हो जाने चाहिए। इसके लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को बनाया गया है।
1 करोड़ 20 लाख रुपए से बनेगा संरक्षण केन्द्र :
शासन ने एक गो संरक्षण केन्द्र की स्थापना के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इस धनराशि की पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपए जारी हुए है। इस धनराशि के खर्च होने के बाद अगली किस्त जारी होगी। इसको लेकर जिलाधिकारी को विशेष निर्देश भी दिए गए हैं। इन गो संरक्षण केन्द्रों पर बेसहारा व निराश्रित गायों को लाकर रखा जाएगा। जहां इनके लिए चारे पानी की व्यवस्था के साथ इलाज आदि का प्रबंध भी होगा।
मनरेगा व अन्य कई निधि से भी खर्च हो सकेगी धनराशि :
शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि अगर गो संरक्षण केन्द्रों का स्थापना के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक की आवश्यकता है तो उसके लिए डीएम अलग से धनराशि की व्यवस्था करके और अच्छे व बड़े केन्द्र का निर्माण कर सकते हैं। इनमें मनरेगा, ग्राम निधि, वित्त आयोग, खनिज विकास निधि, जिला व क्षेत्र पंचायत निधि, सांसद या विधायक निधि से भी धनराशि खर्च की जा सकती है। शासन से इस कार्य की निगरानी जिलाधिकारी द्वारा करने के निर्देश भी शास ने दिए है। फिलहाल सीएम योगी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत उन हजारों गायों को संरक्षण मिलेगा जो शहर में इधर-उधर भटकती हैं।
14 हजार वर्ग फुट के केन्द्र में होगी हर सुविधा
शासन ने गो संरक्षण केन्द्र के लिए जो ढांचा तैयार किया है, उसे काफी विचार विमर्श के बाद जारी किया गया है। इसके मानक भी जारी कर दिए गए हैं। पहली बात तो संरक्षण केन्द्र 14 हजार वर्ग फिट में स्थापित होगा। जिनमें 4 गोवंश शेड बनेंगे। 2 हजार वर्ग फिट में दो भूसा गोदाम, 300 वर्ग फिट का कार्यालय व औषधि कक्ष स्टोर बनेगा। इसी तरह से चारा पानी के लिए 800 वर्ग फुट की चार चरहियां, बाहर के क्षेत्र में भी कुछ चरही जिनका क्षेत्रफल 5400 वर्ग फुट होगा का निर्माण किया जाएगा। बाद में जरूरत पड़ने पर और शेड बनाए जा सकेंगे। इतना ही नही 1100 वर्ग फुट में 6 कर्मचारी आवास, शौचालय, स्नानागार आदि का निर्माण होगा तो पंप हाउस में सबमर्सिबल पंप व सोलर वाटर पंप भी लगाया जाएगा। गो संरक्षण केन्द्र में 10 हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकियों का निर्माण होगा। बाउंड्री व बाड़ से केन्द्र को सुरक्षित किया जाएगा। इसको लेकर निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Now you will not wander destitute and destitute