DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सभी विभागों में बनी सब कमेटी, महिलाकर्मी इनसे कर सकती हैं उत्पीड़न की शिकायत

लैंगिक उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को 'मीटू' मुहिम मुंह खोलने की‌ हिम्मत दे रहा है। एक के बाद एक बड़े लोगों की घिनौनी करतूतें सामने आ रही हैं। बॉलीवुड अभिनेता, नेता व कई बड़े लोगों के फंसने के बाद अब शासन एक्शन में आ गया है। शासन को सरकारी दफ्तरों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न की चिंता सताई है।‌ उनके उत्पीड़न की आशंका से महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर वंदना वर्मा ने डीपीओ को सरकारी आफिस, निगम, संस्थान, निकाय परिषद और बोर्ड में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लैंगिक उत्पीड़न के बारे में पता लगाने को कहा है। डीपीओ ने सभी दफ्तरों में सब कमेटी गठित कर रखी है। महिला कर्मचारी अपने आफिस के अधिकारी और पुलिस सहयोगी के उत्पीड़न की शिकायत सब कमेटी से कर सकती हैं। महिलाकर्मी की रिपोर्ट डीपीओ के जरिए शासन को भेजी जाएगी। पुलिस विभाग से ब्योरा लेकर लैंगिक उत्पीड़न की एक रिपोर्ट डीपीओ ने भेज भी दिया है।
कई अधिकारियों पर लग चुके हैं आरोप: गोण्डा के सरकारी अफसरों पर अपने आफिस की महिला कर्मियों से उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। कई महिला कर्मचारी तो लोकलाज की डर से उत्पीड़न करने वाले अधिकारी या पुरुष सहकर्मियों की शिकायत तक नहीं कर सकीं। मीटू आपरेशन में अभिनेता, नेता व कई बड़े लोग फंसे तो सरकारी दफ्तरों में काम‌ करने वाली महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न के बारे में परीक्षण करने की सरकार ने तैयारी कर दी। यौन उत्पीड़न के मामलों को मौके पर निस्तारण कराया जाएगा।
सभी विभागों में गठित है कमेटी: महिला कल्याण विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी हुआ है कि हरेक विभागों में गठित कमेटी को सक्रिय करें। महिला उत्पीड़न के मामले को नजरअंदाज न किया जाये और कहा गया है कि महिला कर्मचारी लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत कमेटी के‌ समक्ष बेहिचक, बेझिझक दर्ज कराएं। ताकि ऐसे मामलों में कार्रवाई हो सके। लैंगिक शिकार महिला कर्मचारियों से सीधे‌ संबंधित विभाग की गठित कमेटी से शिकायत करने को कहा है।‌ महिला कल्याण विभाग की डायरेक्टर वंदना वर्मा ने जनपदों से उत्पीड़न की रिपोर्ट मांगी है। इससे रंगीन मिजाज के अफसरों के फंसने की उम्मीद है। जिला मुख्यालय के इन्हीं रिपोर्ट के जरिए कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। 

लैंगिक उत्पीड़न की शिकार महिलाओं के लिए ही विभिन्न विभागों में सब कमेटी गठित है। मैंने पुलिस विभाग से लैंगिक उत्पीड़न की रिपोर्ट लेकर भेजा दी गई है । वैसे हर विभाग की‌ कमेटी भी सक्रिय है। फिलहाल जिले में ऐसी कोई शिकायत सामने नही आई है। 
जयदीप सिंह, डीपीओ, गोण्डा

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Now the third eye of the government even on the mood of the officers