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19 अक्तूबर, 2020|9:21|IST

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मेडिकल कालेजों व संस्थानों को भी अब सप्लाई कारपोरेशन से ही आपूर्ति

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प्रमुख संवाददाता--राज्य मुख्यालयराज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर उत्पन्न विषम परिस्थितियों और मेडिकल कालेजों एवं संस्थानों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों के लिए औषधियों की बढती मांग को पूरा करने के लिए तत्काल आपूर्ति के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की औषधि प्रबन्धन मार्गदर्शिका की शर्तों को शिथिल करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संस्थानों को आवंटित बजट का 60 प्रतिशत हिस्से की औषधियों की आपूर्ति यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन लि. के माध्यम से प्राप्त होगी। शेष 40 प्रतिशत बजट का उपयोग प्रधानाचार्यों एवं निदेशकों द्वारा आकस्मिक परिस्थितियों तथा वैकल्पिक रिजर्व के रूप में औषधियों का क्रय करने के लिए किया जाएगा। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार कोविड-19 वैश्विक महामारी के दृष्टिगत किया गया यह शिथिलीकरण वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-21 तक ही प्रभावी होंगे। औषधियों के स्पेशिफिकेशन, गुणवत्ता एवं मात्रा का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा इसे पूरा करने का दायित्व क्रय करने वाली संस्था का होगा।प्रदेश के राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कालेजों तथा गैर स्वायत्तशासी चिकित्सा संस्थानों से सम्बद्ध चिकित्सालयो में जरूरी दवाओं की व्यवस्था व उनके वितरण में पारदर्शिता रखने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा निर्गत औषधि प्रबन्ध मार्गदर्शिका में प्रावधान किया गया है कि संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय/संस्थानों को आवंटित बजट के 80 प्रतिशत दवाओं की आपूर्ति यूपी मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन लि. के माध्यम से होगी। शेष 20 प्रतिशत बजट का उपयोग प्रधानाचार्यों/ निदेशकों द्वारा आकस्मिक क्रय करने के लिए किया जाएगा। दोनों ही एजेन्सीज के द्वारा क्रय प्रक्रिया सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग एवं वित्त विभाग के सुसंगत शासनादेशों एवं वित्तीय नियमों के अनुसार सुनिश्चित की जाएगी।

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