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10 हजार कदम रोज चलें तो रहेंगे स्वस्थ

- नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन का 40वां वार्षिक अधिवेशन कन्वेशन सेंटर में मना- टीबी की बीमारी पर हिन्दी में एनएमओ जनरल का हुआ लोकार्पणलखनऊ। निज संवाददाता स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अरोग्य रहने के लिए दो मूलमंत्र हैं। पहला नियमित कसरत और संयमित व पौष्टिक आहार। इसके साथ ही साइकिल चलाने पर जोर देना चाहिए। सबसे ज्यादा जरूरी है कि हर व्यक्ति को 10 हजार कदम रोज चलने चाहिए। इसके लिए वह अपने मोबाइल में एप डाउनलोड कर ले और पता करता रहे कि वह एक दिन में कितने कदम चला। यह जानकारी शनिवार को केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने दी। सेवा कार्य डॉक्टर की जिम्मेदारीवह नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बोल रहे थे। नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं केजीएमयू के कुलपति श्री भट्ट ने कहा कि अंत्योदय की भावना जो पं. दीनदयाल उपाध्याय का मूलमंत्र था। उसको आरोग्य के माध्यम से प्राप्त करने के लिए इस अधिवेशन का मूलमंत्र है। उन्होंने सेवा को परमोधर्माः बताते हुए कहा कि सेवा से बड़ा कोई धर्म मनुष्य के लिए नहीं है। इस सेवा के कार्य में हर एक डॉक्टर की ड्यूटी और जिम्मेदारी है। लोगों की मानसिकता बदलने की जरूरत समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह वी. भगैय्या ने कहा कि राष्ट्र में समाज की सेवा करना अपना दायित्व होता है, यही परम्परा अपने देश में प्राचीन काल से चली आ रही है। मौजूदा समय में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि व्यक्ति अपनी जीवनशैली में बदलाव करने को तैयार नहीं है। इसको बदलने के लिए जो मानसिकता चाहिए वह बड़ी चुनौती है। जीवनशैली को बदलने के लिए जो मानसिकता व वातावरण चाहिए, वह हम सब को मिलकर बनाना होगा। समाज को बचाना हम सबका दायित्व है। इसके लिए डॉक्टर, प्रोफेसर, शिक्षक, वकील समेत अन्य बुद्धिजीवियों को आगे बढ़कर प्रयास करने होंगे। वह समाज को नई दिशा देने का काम कर सकते हैं। शोध देश के लिए काम आएंगेचिकित्सा शिक्षा मंत्री अशुतोष टंडन ने एनएमओ के धैर्य वाक्य स्वास्थ्य सेवा राष्ट्र सेवा के लक्ष्य के साथ किए गए कार्य की सराहना की। कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार भी इसी लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। एनएमओ के इस 40वें राष्ट्रीय अधिवेशन में जो चर्चा एवं शोध किए जाएंगे, निश्चित रूप से वह देश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लाभकारी होगा। कार्यक्रम में एनएमओ के चेयरपर्सन डॉ. संदीप तिवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. विजेंद्र, राष्ट्रीय सचिव योगेंद्र मलिक, आयोजन सचिव डॉ. भपेंद्र सिंह, डॉ. अलका रानी, एम्स ऋषिकेश निदेशक डॉ. रविकांत, सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, डॉ. विनोद जैन समेत अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे। हिन्दी में एनएमओ जर्नल का लोकार्पणइस कांफ्रेंस में आर्गेनाइजेशन की पत्रिका एनएमओ जर्नल का लोकार्पण हुआ। यह जर्नल पूरी तरह टीबी की बीमारी पर समर्पित है। इसके विशेषज्ञ संपादक केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत हैं। यह चिकित्सा जगत की दो भाषा पत्रिका है, जिसमें अंग्रेजी और हिन्दी भाषा में लेख प्रकाशित होते हैं। डॉ. सूर्यकांत ने इस पत्रिका में अपना टीबी पर आधारित संपादकीय हिन्दी में लिखा है। इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक भारत से टीवी को समाप्त करने की घोषणा की है। एनएमओ जर्नल का लोकार्पण केजीएमयू के कन्वेंशन सेंटर में चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन की मौजूदगी में हुआ। इसके मुख्य संपादक डॉ. अश्विनी टंडन, एनएमओ के राष्ट्रीय पदाधिकारी व केजीएमयू कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट मौजूद रहे।

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