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खसरा से छात्रा की मौत, दो बहनों की हालत नाजुक

मोहनलालगंज। हिन्दुस्तान संवाद

खसरा की चपेट में आने के बाद मोहनलालगंज के बक्खा खेड़ा में तीसरी कक्षा की छात्रा करीना की मौत हो गई। मृतक छात्रा की दो अन्य बहनें भी खसरे की चपेट में हैं। दोनों बहनों की हालत नाजुक बनी हुई है। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित दोनों बहनों को परिवार के साथ सीएचसी बुलाया। भर्ती कराकर बेटियों का इलाज शुरु किया।

बक्खा खेड़ा निवासी सरवन ड्राइवर है। उसकी छह वर्षीय पुत्री करीना प्राइमरी स्कूल मऊ में तीसरी कक्षा की छात्रा थी। वह बीते कई दिनों से खसरा की चपेट में थी। बुखार के साथ शरीर में दाने निकल आए थे। उससे पानी का रिसाव हो रहा था। भीषण दर्द भी हो रहा था। सोमवार की दोपहर छात्रा की हालत बिगड़ गई। परिवारीजन उसे जब तक सीएचसी लेकर पहुंचते रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मृतक छात्रा की दो बहने अवन्तिका (आठ) व जान्हवी (पांच) की हालत भी नाजुक बनी हुई है।

अंध विश्वास में नहीं किया इलाज

छात्रा की मां रजनी ने बताया कि बीते 29 नवम्बर को स्कूल में छात्रा को खसरा-रुबैला का टीका लगाया गया था। दूसरे दिन छात्रा को बुखार आ गया। परिजन तीन-चार दिनों तक निजी चिकित्सक से दवाएं लेकर उपचार कराते रहें। इसी बीच छात्रा के शरीर पर लाल रंग के दाने निकल आये। कुछ लोगों ने उसे माता का प्रकोप बताकर दवाएं बंद करवा दी। करीना के साथ ही उसकी बहनों को खसरा हो गया। दवाएं न देने से बच्चियों की हालत बिगड़ने लगी। करीना की ज्यादा हालत बिगड़ गई और मौत हो गई।

सीएचसी प्रशासन बना रहा लापरवाह

सोमवार को ही परिवारीजन व ग्रामीणों ने सीएचसी मोहनलालगंज में सूचना दे दी थी लेकिन अस्पताल प्रशासन लापरवाह बना रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि जानकारी होने के बावजूद डाक्टरों की टीम गांव तक नही आई। मामला जब कुछ समाजसेवी लोगों की जानकारी में आया तो आनन-फानन अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार की दोपहर गांव पहुंच कर इलाज कराने की बजाए पीड़ित परिवार को बच्चों के साथ सीएचसी बुला लिया। गांव में अन्य के बीमार होने की बात सामने आने के बाद मंगलवार की शाम डाक्टरों की टीम ने गांव जाकर दवाएं वितरित की।

वर्जन

सीएचसी अधीक्षक डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया कि बच्चे की मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा। खसरा से बच्चे की मौत की बात को इनकार नहीं किया जा सकता है। डॉक्टरों की टीम को गांव भी भेजा गया है। पीड़ित अन्य बच्चों को दवाएं वितरित की गई है। अधीक्षक ने दावा किया कि खसरा के लगे टीके से मौत का कोई लेना देना नही है।

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