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डालीगंज हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

डालीगंज हॉस्पिटल में बीती रात इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई। नाराज परिवारीजनों ने इलाज में कोताही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। तीमारदार मरीज की इलाज संबंधी दस्तावेज डॉक्टरों ने मांगे। डॉक्टरों ने दस्तावेज देने से इनकार कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई। हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंचे। कार्रवाई का आश्वासन देकर तीमारदारों को शांत कराया।

सीतापुर महमूदाबाद पैतेपुर गांव निवासी उरूज आलम (22) की तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। इसी बीच एंबुलेंस चालक मरीज को लेकर डालीगंज हॉस्पिटल पहुंच गया। बेहतर व सस्ता इलाज का वादा कर मरीज को डालीगंज हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। तीमारदार नफीस का आरोप है कि यहां भर्ती होने से पहले मरीज की हालत ठीक थी। वह बोल पा रहे थे। हॉस्पिटल में भर्ती होने के कुछ ही घंटे बाद वह वेंटीलेटर पर पहुंच गया। आरोप हैं कि इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत हो गई। गुस्साएं तीमारदारों ने डॉक्टरों पर कोताही का आरोप लगाया। सुनवाई न होने पर तीमारदारों का गुस्सा भड़क उठा। हंगामा शुरू कर दिया। मरीज के इलाज की फाइल मांगने लगे। डॉक्टरों ने देने से मना कर दिया। आरोप है कि डॉक्टर-कर्मचारियों की तीमारदार से झड़प होने लगी। इस दौरान नफीस के मुंह चोट लग गई। खून निकलने लगे। हंगामे की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती दूसरे मरीज बेहाल हो गए। काफी देर इलाज प्रभावित रहा।

वर्जन

मरीज को बेहद गंभीर हाल में भर्ती कराया गया था। जान बचाने के लिए मरीज को वेंटीलेटर पर रखा गया था। इलाज दौरान मरीज की मौत हुई है। इलाज में लापरवाही के आरोप बेबुनियाद हैं। मारपीट जैसी घटना नहीं हुई।

हसीब, संचालक, डालीगंज हॉस्पिटल

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