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खेल-कूद के दौरान लगी चोट को न करें नजरअंदाज

लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता

खेल के दौरान खिलाड़ियों के शरीर में तमाम तरह की चोट आ जाती हैं। खिलाड़ी लापरवाही में जांच नहीं कराते हैं। इलाज में भी कतराते हैं। शायद इसकी एक वजह है कि स्पोटर्स इंजरी लखनऊ में मुकम्मल इलाज न मिलना है। मरीज इलाज के लिए दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ रही थी। अब मरीजों को दिल्ली तक दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। केजीएमयू में स्पोटर्स इंजरी विभाग शुरू किया जा रहा है। शुक्रवार को विभाग का शुभारंभ होगा। यह जानकारी केजीएमयू स्पोर्टस मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने दी।

वह गुरुवार को सशत्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों को संबोधित कर रहे थे। स्पोर्टस इंजरी पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर जवानों की सेहत की जांच भी की गई। डॉ. आशीष ने बताया कि खेल-कूद के दौरान घुटना व कंधे आदि में चोटे आ जाती हैं। पर, खिलाड़ी इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक चोट को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक लखनऊ में स्टोपर्स इंजरी का मुकम्मल इलाज नहीं मिल पा रहा था। अब केजीएमयू के शताब्दी फेज दो में स्पोर्टस मेडिसिन विभाग स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 12.5 करोड़ रुपये की मदद की है। इस मौके पर 200 जवानों को खेल-कूद के दौरान चोट व उसके इलाज पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। केजीएमयू पीएमआर विभाग के डॉ. अनिल गुप्ता ने पुर्नवास के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. केएम लाल मौजूद थे।

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