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ट्रॉमा में स्ट्रेचर पर मरीजों की भर्ती बंद करने की तैयारी

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। अब ट्रॉमा सेंटर में स्ट्रेचर पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा। सिर्फ बेड पर भर्ती कर ही मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

ट्रॉमा सेंटर में करीब चार सौ बेड हैं। रोजाना 120 से ज्यादा नए मरीजों की भर्ती हो रही है। ढाई सौ से ज्यादा मरीज इमरजेंसी ओपीडी में आ रहे हैं। प्रदेश भर से गंभीर अवस्था में मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। बेड भरने की दशा में स्ट्रेचर पर मरीजों की भर्ती की जाती है। रोजाना करीब 130 से ज्यादा स्ट्रेचर पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। मरीजों का दबाव अधिक होने से डॉक्टरों को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने में अड़चन आ रही है। आए दिन लड़ाई झगड़े भी हो रहे हैं। सोमवार रात बाल रोग विभाग में बच्चे की मौत के बाद बवाल हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि काम का दबाव काफी है। बवाल से बचने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने स्ट्रेचर पर मरीजों की भर्ती बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रयोग के तौर पर मंगलवार से नई व्यवस्था शुरू की गई। अधिकारियों का कहना है कि इससे मरीजों का दबाव कम होगा। इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। तीमारदारों की भीड़ में भी कमी आएगी।

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