class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केजीएमयू में दो दिन से इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

केजीएमयू में दो दिनों से इंटरनेट सेवाएं ठप हो गई हैं। कई विभागों में ऑन लाइन काम प्रभावित है। मरीजों को भर्ती व डिस्चार्ज करने में दुश्वारियां हो रही हैं। ओपीडी में पर्चा बनाने का काम भी प्रभावित है। बताया गया है कि शताब्दी फेज एक के पास रैन बसेरे का निर्माण चल रहा है। लापरवाही से खुदाई की वजह से ओएफसी (ऑप्टिकल फाइवर केबल) काट गई।

केजीएमयू की सेवाओं को ऑनलाइन करने की कवायद चल रही है। ई-हॉस्पिटल का दावा किया जा रहा है। पर, उप्र राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही की वजह से इंटरनेट सेवाएं ध्वस्त हो गई हैं। रैन बसेरे के निर्माण के लिए शताब्दी फेज एक के पास खुदाई चल रही है। लापरवाही पूर्वक निर्माणकार्य चल रहा है। इसकी वजह से ओएफसी लाइन कट गई। नतीजतन दो दिनों से इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। पैथोलॉजी सहित कई विभागों का कामकाज प्रभावित है। मरीजों की जांच रिपोर्टे ऑन लाइन अपडेट नहीं हो पा रही हैं। इसकी वजह से मरीजों को खासी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।

केजीएमयू आईटी सेल प्रभारी डॉ. संदीप भट्टाचार्य ने बताया कि बुधवार को राजकीय निर्माण निगम की लापरवाही से आधे केजीएमयू कि इंटरनेट सेव ध्वस्त हो गई है। कुलपति कार्यालय, आवास, शताब्दी फेज-एक, दो, माइक्रोबायोलॉजी विभाग सहित कई अन्य विभाग में सेवाएं ठप हैं। ऐसे में कुलपति कार्यालय का ऑनलाइन कामकाम पूरी तरह से ठप हो गया है। वहीं बड़ी पैथोलॉजी में भी मरीजों की जांच रिपोर्ट लोगों को प्रिंट करके दी जा रही। वही इसकी वजह से मरीज अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन डाउनलोड नहीं कर पा रहा है। इसके साथ ही सभी प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा बनी हुई है। उन्होंने बताया कि केजीएमयू में जमीन के 10 मीटर गहराई में 15 किमी के दायरे में ओएफसी लाइन बिछी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:news
छात्रों को दी गई ट्रॉमा की ट्रेनिंगहोमगार्ड डीआईजी की ह्दय गति रुकने से मौत