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किसानों ने बिजली दर बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग की

महंगी बिजली बिल देने के लिए बाध्य किया गया तो कटा लेंगे कनेक्शन

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

यूपी पावर कार्पोरेशन द्वारा ग्रामीण फीडर को अधिक विद्युत आपूर्ति के नाम पर शहरी फीडर घोषित कर भविष्य में उनकी दरें और बढ़ाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उपभोक्ता परिषद ने बिजली दर बढ़ोत्तरी के खिलाफ चलाये जा रहे आंदोलन 'उपभोक्ता परिषद आपके द्वार' के क्रम में शुक्रवार को राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा निगोहां व समेसी के किसानों से मुलाकात की।

उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ग्रामीण फीडर को आपूर्ति के नाम पर शहरी फीडर घोषित किया गया था। किसानों ने बिजली दर बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग की। किसानों ने बताया कि पूरा इलाका ग्रामीण क्षेत्र की सुविधा पा रहा है और इसे शहरी फीडर घोषित किया जाना पूरी तरह गलत है। किसानों ने कहा यहां 14 से 15 घंटे सप्लाई मिल रही है। उन्होंने कहा कि यदि महंगी बिजली का बिल देने के लिये उन्हें विवश किया जायेगा तो उनके पास कनेक्शन कटाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इसके अलावा महंगी बिजली को सस्ती किया जाये अन्यथा उनके ट्यूबवेल पर लगे मीटर उतारे जाये। क्षेत्रीय किसानों ने कहा कि 15 किमी चलकर वह बिजली का बिल जमा करने जाते हैं और उसे शहरी क्षेत्र घोषित कर उनका अपमान किया जा रहा है।

उपभोक्ता परिषद ने कहा कि जिस प्रकार से किसान और ग्रामीण पूरे प्रदेश में आन्दोलित हैं और सरकार के खिलाफ उनका गुस्सा फूट रहा है। सरकार को अविलम्ब बिजली दर बढ़ोत्तरी को वापस लेना चाहिए। इस मौके पर सत्य प्रकाश तिवारी, आनन्द मोहन, केदार नाथ सिंह, कृष्णपाल, हरिश्चन्द्र जायसवाल व दिनेश चन्द्र द्विवेदी सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।

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