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केवल नौकरी न करके कुछ अलग और नया करके अपनी पहचान बनाएं

यूपी देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। विश्व के केवल तीन देश अमेरिका, चीन और इण्डोनेशिया आबादी की दृष्टि से यूपी से बड़े हैं। ऐसे राज्य में काम करने पर गर्व होना चाहिए। आपका पद ही प्रशासनिक सेवा का है। सेवा में बहुत आनन्द है। ठीक से काम करें तो समाधान भी बहुत होता है। जनहित को अपनी दृष्टि बनायें। छोटी से छोटी बात बहुत महत्वपूर्ण होती है। केवल नौकरी न करके कुछ अलग से करें जिससे आपकी पहचान बने। यह विचार यूपी के राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को राजभवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष-2018 बैच के 16 एवं भारतीय वन सेवा के वर्ष-2016 बैच के 6 प्रोबेशनर अधिकारियों से भेंट के दौरान व्यक्त किए। खास बात यह है कि प्रोबेशनर अधिकारियों को 8 सप्ताह का प्रशिक्षण अकादमी में दिया जाता है, उसके बाद 6 माह के लिए उन्हें जिले के काम से परिचित होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैनात किया जाता है। जिले के प्रशिक्षण के बाद उन्हें पुनः 3 सप्ताह का प्रशिक्षण अकादमी में दिया जाता है।श्री नाईक ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसी दृष्टि बनाने की आवश्यकता है जो जनहित को समर्पित हो। राज्यपाल ने बताया कि लोकसभा में पहली बार निर्वाचित होने पर उन्होंने यह महसूस किया कि कुछ सदस्य शपथ लेते समय ‘हिन्दोस्तान शब्द का प्रयोग करते हैं, जबकि संविधान में ‘भारत और ‘इण्डिया ही लिखा है। उनकी आपत्ति के बाद शपथ पत्र का प्रारूप बदला गया। उन्होंने देश की आजादी के 42 साल बाद संसद में ‘वंदे मातरम् और ‘जन-मन-गण के गायन की शुरुआत कराई। इसी प्रकार उन्होंने मुंबई में दो तल के शौचालय का निर्माण करवाया जिसकी सराहना विश्व बैंक ने भी की। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नया सोचें और करें जिससे नई पहचान बने।इस मौके पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमंत राव भी मौजूद रहे। शुरुआत में यूपी प्रशासनिक एवं प्रशिक्षण अकादमी, लखनऊ के महानिदेशक कुमार अरविन्द सिंह देव ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा अपर निदेशक संजय यादव ने धन्यवाद दिया। राज्यपाल ने सभी प्रोबेशनर अधिकारियों को अपना चौथी सालाना रिपोर्ट ‘राजभवन में राम नाईक 2017-18 की प्रति भेंट की।

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  • Web Title:NEW IAS AND AFS MEET GOVERNOR