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हर्बल ड्रग्स के विकास व चुनौतियों पर मंथन के लिए जुटेंगे देश-विदेश के वैज्ञानिक

- एनबीआरआई में ‘23वें नेशनल कन्वेंशन ऑफ सोसायटी ऑफ फार्माकोग्नोसी विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठीलखनऊ। निज संवाददाताएनबीआरआई में शुक्रवार से हर्बल ड्रग्स के गुणवत्तापरक विकास व चुनौतियों पर मंथन के लिए देश-विदेश के वैज्ञानिक जुटेंगे। एनबीआरआई, सोसायटी ऑफ फार्माकोग्नॉसी व भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) की ओर से ‘23वें नेशनल कन्वेंशन ऑफ सोसायटी ऑफ फार्माकोग्नोसी और ‘फार्मास्युटिकल ड्रग विकास में गुणवत्ता, सुरक्षा और जीएमपी के लिए नवयुगीन अवसर और चुनौतियां विषयक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में 350 से अधिक शोधकर्ता व छात्रों समेत 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन साइंस फॉर इक्विटी एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और नाबार्ड के सहयोग से किया जा रहा है। यह जानकारी निदेशक प्रो. एसके बारीक ने गुरुवार को दी। संयोजक सचिव डॉ. शरद श्रीवास्तव ने बताया कि संगोष्ठी में औषधीय पौधों की गुणवत्ता का नियंत्रण, हर्बल दवा अनुसंधान में आधुनिक उपकरण व तकनीक, नीति नियामक मुद्दों, ग्रामीण उद्यमिता और हर्बल क्षेत्र में स्टार्ट-अप के अवसरों पर चर्चा होगी। भारत में स्वास्थ्य की देखभाल में औषधीय पौधों का उपयोग एक लंबा इतिहास रहा है।

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