DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › लखनऊ › राष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर की अभ्यास के दौरान मौत
लखनऊ

राष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर की अभ्यास के दौरान मौत

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 03:00 AM
राष्ट्रीय पदक विजेता पावरलिफ्टर की अभ्यास के दौरान मौत

राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके पावरलिफ्टर विश्वास राज शुक्ल की मंगलवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम में अभ्यास के दौरान तबियत खराब हो गयी। ट्रामा सेंटर ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। विश्वास के निधन की खबर सुनकर सभी खिलाड़ी स्तब्ध हैं।

विश्वास राज्य पावरलिफ्टिंग के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे। वह राष्ट्रीय स्तर पर दो स्वर्ण समेत कई पदक जीत चुके हैं। वह चौक स्टेडियम में ट्रेनिंग करते थे। इसके बाद उन्होंने खुद के उपकरण खरीद कर पुराने लखनऊ में ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। मंगलवार को वह केडी सिंह बाबू स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग हॉल में ट्रेनिंग करने गए थे। वहां वार्म अप के बाद उन्हें पसीना आने लगा और फिर बेचैनी होने लगी। यहां कोच अरविन्द कुशवाहा ने उन्हें लिटाकर पानी पिलाया। तबीयत में सुधार नहीं होने पर स्टेडियम के पीछे कृष्णा मेडिकल सेंटर ले जाया गया। जहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेज दिया गया। यहां तबीयत में मामूली सुधार पर घरवाले आलमबाग स्थित घर ले गये। जहां थोड़ा आराम मिला मगर कुछ देर बाद तबीयत फिर बिगड़ गई। घर वाले उन्हें ट्रामा सेंटर ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विश्वास राज के पिता राजकुमार आलमबाग में रहते हैं। वह रीयल स्टेट के कारोबार से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें जब पता चला तो वह सिविल अस्पताल गए। वहां से घर आए और फिर ट्रामा सेंटर दौड़े। केडी सिंह बाबू स्टेडियम में वेटलिफ्टिंग के कोच अरविन्द कुशवाहा ने बताया कि विश्वास राज पहली बार स्टेडियम आया था। वार्मअप के बाद ही उसकी तबियत खराब होने लगी थी। उसे तुरंत उपचार दिया गया। विश्वास के कोच रहे राजधर मिश्रा ने बताया कि विश्वास बेहद प्रतिभाशाली पावरलिफ्टर था। अपने भार वर्ग में राज्य चैंपियन था। उसने राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते थे। विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने की तैयारी में जुटा था।

बिना पंजीकरण कैसे करने दी गई ट्रेनिंग

केडी सिंह बाबू स्टेडियम में बिना पंजीकरण किसी को ट्रेनिंग नहीं करने दी जाती है। विश्वास का केडी सिंह बाबू स्टेडियम में पंजीकरण नहीं है। ऐसे में उसे ट्रेनिंग की अनुमति कैसी मिल गई। साथ कोच नए खिलाड़ियों पर नजर रखता है। जब पता था विश्वास पहले दिन आया है तो उसे अत्यधिक लोहा क्यों उठाने दिया गया। इस संबंध में जब दोबारा अरविन्द कुशवाहा से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन स्विच ऑफ बता रहा था। वहीं क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी अजय सेठी का फोन नॉट रीचेबल था।

संबंधित खबरें