
शिक्षक कोर्स के जरूरी बिंदुओं को पहचानकर छात्रों में उनकी समझ विकसित करें
Lucknow News - लखनऊ, संवाददाता। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग
लखनऊ, संवाददाता। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) भोपाल की मदद से परिणाम आधारित शिक्षा व पाठ्यक्रम पर आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुक्रवार को समापन हुआ। निदेशक प्रोफेसर विनीत कंसल ने कहा कि परिणाम आधारित शिक्षा और पाठ्यक्रम पर आधारित एफडीपी के माध्यम से समूची शिक्षा प्रणाली में ढांचागत बदलाव की आवश्यकता और बदलाव की सतत प्रक्रिया को विशेषज्ञों ने बहुत ही गहनता व सरलता से शिक्षकों को समझाया गया। एनआईटीटीटीआर के डिपार्टमेंट ऑफ करिकुलम डेवलपमेंट एंड असेसमेंट एजुकेशन की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अंजू रावली ने बताया कि शिक्षक को पाठ्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को पहचानकर छात्रों में उनकी समझ सबसे पहले विकसित करना चाहिए।

शिक्षक की भूमिका अब केवल शिक्षक तक नहीं रह गई है आज के समय में शिक्षक योजना बनाने वाले, पथ प्रदर्शक और सुविधा प्रदाता की भूमिका में है। एनआईटीटीटीआर के प्रबंधन शिक्षा विभाग के प्रोफेसर बद्रीलाल गुप्ता ने बताया गया कि तकनीकी संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए, शैक्षणिक ऑडिट व कमियों पर सुधार यंत्र का काम करता है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




