Hindi NewsUttar-pradesh NewsLucknow NewsNational Highway Authority s Traffic System Plan Stalled Due to Security Concerns
आउटर रिंग रोड के कैमरों में लेंस पर रोक

आउटर रिंग रोड के कैमरों में लेंस पर रोक

संक्षेप:

Lucknow News - - मौजूदा कैमरे और अन्य उपकरण आईटीएमएस से नहीं जुड़े - एनएचएआई ने तकनीकी

Nov 10, 2025 08:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
share Share
Follow Us on

लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। आउटर रिंग रोड पर वाहन चालकों को बेहतर ट्रैफिक सिस्टम की सुविधा देने की नेशनल हाईवे अथॉरिटी की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। 104 किमी लंबी इस सड़क पर ट्रैफिक पर निगरानी रखने के लिए लगाए गए 160 ऑटो मॉनिटरिंग कैमरों की क्षमता बढ़ाने के लिए जर्मनी से मंगाए गए हाई रिजोल्यूशन लेंस पर सुरक्षा कारणों से फिलहाल रोक लगा दी गई है। लिहाजा, यहां लगे कैमरे और अन्य उपकरण इंटीग्रेटेडेट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से नहीं जुड़ पाए हैं। आउटर रिंग रोड को आईटीएसएम से जोड़ने के लिए रिंग रोड के दोनों तरफ ऑप्टिकल फाइबर केबिल बिछा कर सभी कैमरों को आपस में कनेक्ट कर दिया गया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सिस्टम को हाईटेक बनाने के लिए व्हीकल इमिडिएट डिटेक्शन एंड इनफोर्समेंट सिस्टम(वीआईडीआईएस), वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड(वीएमएसबी), व्हीकल एक्चुएटेड स्पीड डिस्प्ले(वीएएसडी) बोर्ड और व्हीकल इमिडिऐट डिटेक्शन सिस्टम(वीआईडीएस) लगाए गए। वीआईडीआईएस और वीआईडीएस पूरे सिस्टम का आधार है, जिसमें हाई रिजोल्यूशन लेंस वाले आधुनिक कैमरे अलग से इंस्टाल कर उसे यहां के सभी 160 ऑटो मॉनिटरिंग कैमरों से जोड़ा जाना था। इसके लिए जर्मनी से लेंस सहित इसके अन्य उपकरण मंगा लिए गए। लेकिन, इनको शुरू करने से पहले सुरक्षा कारणों से केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दिया। वाहनों की गतिविधियों पर सूक्ष्म निगरानी रखते लेंस आउटर रिंग रोड पर दोनों तरफ 14 वीआईडीआईएस और 10 वीआईडीएस लगाते हुए इन्हें हाई रिजोल्यूशन लेंस वाले आधुनिक कैमरों से लैस किया जाना था। इस लेंस की खासियत है कि यह तेज गति से गुजर रहे वाहनों के बाहर और अंदर की छोटी सी छोटी गतिविधियों को पकड़ लेते। यदि चालक नियमों का उल्लंघन कर रहा है या वाहन में कोई गड़बड़ी है तो उसे कैप्चर कर आईटीएमएस के कंट्रोल रूम को भेज देते। कहीं दुर्घटना होती या ट्रैफिक में अन्य कोई बाधा आती तो उसे भी कैप्चर कर कंट्रोल रूम को भेज देते। वहां से ट्रैफिक पुलिस को सारी सूचनाएं सीधे पहुंच जाती।