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नाटक में दिखा देश के चौथे स्तम्भ की दशा

देश का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकार की सच्चाई और ईमानदारी की कीमत जब सत्ता में बैठे ठेकेदार तय करने लगे तो सोचिए उसकी दशा क्या होगी? कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब देती नाटक चौथी आवाज का मंचन गुरूवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में किया गया। रॉक स्टार सेवेन्थ क्रियेशन सोसाइटी की ओर से आयोजित इस नाटक का लेखन पवन कुमार सिंह और निर्देशन नवीन श्रीवास्तव ने किया।

नाटक की कहानी एक ऐसे पत्रकार के इर्द-गिर्द घूमती है जो सत्ता और प्रशासन के दबाव में कभी नहीं झुकता। इसी निडरता और सच्चाई के चलते वह कभी भी एक जगह टिक कर नौकरी नहीं की। एक रोज आत्महत्या कर रहे किसानों की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाते हुए पत्रकार सीएम आवास पहुंचा। यहां उसे गन्ने के समर्थन मूल्य को मिल मालिकों के एसोसिएशन के दबाव में तय करने की खबर मिलती है। वह इस खबर के तह में जाने के लिए वह सीएम के मुंह लगे चपरासी को अपना मोहरा बनाता है और सीएम, गन्ना मंत्री व एसोसिएशन के पदाधिकारी के बीच हो रही बातों को रिकार्ड कर लेता है। इसके बाद जब खबर प्रकाशित होती है तो अखबार पर दबाव बनाने के लिए चीनी उद्योग से जुड़े उसके मालिक के सभी चीनी मिलों को नोटिस भेज दिया जाता है। परिणाम स्वरूप पत्रकार को नौकरी से निकाल दिया जाता है। इसके बावजूद वह हार नहीं मानता और सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए पूरा स्टिंग आउट कर देता है। जिसके बाद राजनैतिक भूचाल आ जाता है और दोषियों पर कार्रवाई होती है। नाटक में राज शुक्ला, अजय द्विवेदी, अभिषेक सिंह, अंकुर सक्सेना, युसरा हयात, पीडी सावंत, अशोक सिन्हा, अनुपम बिसारिया, गोपाल सिन्हा, अभिषेक यादव, अभिषेक मिश्र, कशिश अग्निहोत्री और तान्या सूरी ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।

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  • Web Title:natak