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29 मई, 2020|6:28|IST

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मुख्यमंत्री ने नाबार्ड़ से विकास के लिए मांगे दस हजार करोड़

-सहकारी संस्थाओं में घोटालों पर होगी सख्ती कार्रवाई

-किसी भी परियोजना के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी

-माइक्रो इरिगेशन तथा भण्डारण क्षमता बढ़ाने

के संबंध में कार्य योजना बनाएं

-भूमि विकास बैंक की रिकवरी बढ़ाएं

विशेष संवाददाता- राज्य मुख्यालय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नाबार्ड से प्रदेश के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये मांगे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सहकारी संस्थानों में हुए घोटालों में फंसे लोगों के खिलाफ जांच करवा कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नाबार्ड की योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां लखनऊ में शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय में नाबार्ड के चेयरमैन डा. हर्ष कुमार भानवाला के साथ बैठक कर रहे थे। डा. भानवाला का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास में रूचि लेने के लिए उनका आभार प्रकट किया। नाबार्ड और प्रदेश सरकार के बीच में बेहतर संवाद की जरूरत बताते हुए सीएम ने कहा कि नाबार्ड अध्यक्ष का लखनऊ आना प्रदेश के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड अध्यक्ष से कहा कि प्रदेश के विकास के लिए ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाना जरूरी है। लिहाजा उन्होंने इसके लिए 10000 करोड़ रुपये की मांग की। साथ ही उन्हें धनराशि को वापस करने का भरोसा भी दिलाया। बैठक में सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, ग्राम्य विकास आदि विभागों की नाबार्ड की मदद से चलने वाली नई व लंबित परियोजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नाबार्ड के साथ बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए। कहा कि विभागीय मंत्री नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करें। नाबार्ड चेयरमैन ने कहा कि उचित प्रक्रिया के पालन के साथ प्राप्त होने वाली परियोजनाएं नाबार्ड में एक सप्ताह से अधिक समय तक लंबित नहीं रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भण्डारण क्षमता को 40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 60 लाख मीट्रिक टन करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को माइक्रो इरिगेशन तथा भण्डारण क्षमता बढ़ाने के सम्बन्ध में योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रदेश में सहकारिता की संरचना एवं भूमि विकास बैंक के सम्बन्ध में नाबार्ड अध्यक्ष के सुझावों पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भूमि विकास बैंक के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त आरपी सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री शशि प्रकाश गोयल सहित वरिष्ठ अधिकारी और नाबार्ड के पदाधिकारी मौजूद थे।