ढाबा संचालक की मौत, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग-हंगामा, चार पकड़े गए
Lucknow News - नोट : फोटो है - ढाबा संचालक को गोली मारे जाने का मामला, हंगामे

नोट : फोटो है - ढाबा संचालक को गोली मारे जाने का मामला, हंगामे से लगा सीतापुर रोड पर जाम
- पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ जारी, असलहा बरामदगी के लिए पुलिस दे रही दबिश
लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।
मड़ियांव भिठौली में बाइक सवारों के गोली मारे जाने से घायल ढाबा संचालक विजय यादव की ट्रामा में रविवार देर रात मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित परिवारीजनों ने भिठौली तिराहे पर शव रखकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन से सीतापुर और आईआईएम रोड पर जाम लग गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंचे। समझाने का प्रयास किया पर परिवारीजन शांत नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने चार संदिग्धों को पकड़ा तब घरवाले शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए। पुलिस अब वारदात में प्रयुक्त बाइक और असलहा बरामदगी के लिए दबिश दे रही है。
घटना का विवरण
विजय यादव सैरपुर तरहिया के रहने वाले थे। रविवार शाम वह भिठौली तिराहे के अपने यादव ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट पर बैठे थे। होटल कर्मचारी विवेक के मुताबिक शाम को ढाबे के बाहर तीन युवक एक लड़के को पीट रहे थे। यह देख विजय ने बीच बचाव की कोशिश की तो युवकों ने उन्हें भी धक्का देकर गिरा दिया था। विजय मोबाइल में वीडियो बनाने लगे। इस पर दोनों युवक धमकाते हुए चले गए। कुछ देर बाद बाइक से लौटे। असलहा निकाला और विजय के सिर में गोली मार दी थी। विजय खून से लथपथ होकर मौके पर ही गिर गए। दोनों बदमाश बाइक से भाग निकले। विजय को ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा, पुलिस उपायुक्त गोपाल कृष्ण चौधरी, अपर पुलिस उपायुक्त ट्विंकल जैन और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलन किए थे। उधर, सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद आक्रोशित परिवारीजन शव लेकर भिठौली तिराहे पर पहुंचे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव रखकर जाम लगा दिया। जमकर हंगामा किया। आईआईएम और सीतापुर रोड पर जाम लग गया। बवाल बढ़ता देख इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद चार लोगों को पकड़ लिया। पुलिस ने चारों से पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर ने बताया कि जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। चार संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
दोस्त विवेक पर भी झोंका था फायर
दुस्साहसी बदमाश कुछ देर बाद लौटकर बाइक से ढाबा पर पहुंचे। बदमाशों ने बिना कुछ बात किए ही वहां मौजूद विजय के दोस्त विवेक पांडेय पर पहले फायर झोंका, लेकिन विवेक बाल-बाल बच गए। विजय और विवेक कुछ समझ पाते कि उससे पहले ही बदमाश ने दूसरी गोली विजय के सिर में मार दी। विजय वहीं गिर पड़े। बदमाश तुरंत ही वहां से बाइक से ही फरार हो गए। विवेक ही विजय को लेकर पहले सेवा अस्पताल गए। फिर आईकॉन अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन दोनों जगह अस्पताल में विजय को इलाज नहीं मिला। तब वह उन्हें लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि ट्रॉमा में ऑपरेशन में देरी की गई। गोली लगने से लेकर ऑपरेशन करने तक में आठ घंटे से अधिक समय बीत चुका था। ऐसे में मरीज का काफी खून निकल चुका था।
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