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मुन्ना बजरंगी का खौफ हुआ कम,अब अदालत तक पहुंचेंगे गवाह

मुन्ना बजरंगी का खौफ हुआ कम,अब अदालत तक पहुंचेंगे गवाह

मुन्ना बजरंगी का खौफ खत्म होने के बाद अब 40 से अधिक मामलों में गवाह कोर्ट पहुंचेंगे। इन मुकदमों में तेजी आ सकेगी और मुन्ना के साथ अन्य नामजद अन्य आरोपियों को सजा मिलने में आसानी हो सकेगी। पुलिस, एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने इसके लिए नए सिरे से कवायद शुरू कर दी है।
इन अपराधियों के खौफ से कई गवाह कोर्ट तक नहीं पहुंच पाते थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। गवाहों के पहुंचने से मामलों की सुनवाई जल्द पूरी हो सकेगी। मुन्ना बजरंगी के अलावा अन्य अपराधियों को सजा दिलाने में इससे खासी मदद मिलेगी। वाराणसी, गाजीपुर में 20 से 25 वर्षों से मुकदमें ट्रॉयल में ही हैं। कई मामलों में गवाहों के न पहुंचने से मुन्ना बजरंगी और उसके साथी दोष मुक्त भी हो गए। पुलिस कोशिश करेगी कि ऊंची अदालतों में अपील कर सजा दिलाए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला पुलिस-अभियोजन गवाहों को सुरक्षा देकर कोर्ट तक पहुंचाने में सहयोग करेगा। विवेचना अधिकारी नए सिरे ऐसे गवाहों को कोर्ट तक लाएंगे। 
नहीं मुकरे तो मारे जाते थे चश्मदीद
इसे साजिश कहें या संजोग, जिस मामले में मुन्ना बजरंगी नामजद होता था उसके गवाह किसी न किसी हादसे या कारण से मौत के मुंह में चले जाते थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गवाहों की संदेहास्पद मौत होती थीं। दुर्घटना, आत्महत्या या गायब हो जाने जैसे दर्जनों मामले आए। पुलिस जांच में भी बहुत कुछ खुल कर सामने नहीं आ सका। बचते वही थे जो गवाही से मुकर जाते थे। ऐसे गवाहों को गैंग के गुर्गों के जरिए ही सुरक्षा और भरपूर पैसा भी दिया जाता था।
मुख्तार पर लगाया आरोप 
मऊ के चर्चित मन्ना सिंह हत्याकांड के मुख्य गवाह अशोक सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्तार अंसारी ने ही मुन्ना बजरंगी की हत्या कराई है। अब कृष्णानंद राय मामले में फैसला आने वाला है, मुख्तार को शक था कि जिस तरह मुन्ना बजरंगी जौनपुर-आजमगढ़ में राजनीतिक जमीन तैयार कर रहा था। वह सरकारी गवाह बनकर खुद को सुरक्षित कर सकता था। ऐसे में मुख्तार सीधे फंसते। उन्होंने सवाल उठाया कि संजीव जीवा, सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी ये तीनों ही जब मुख्तार के शूटर हैं तो मुख्तार का एक गुर्गा दूसरे को बिना मतलब के तो नहीं मारेगा। मुन्ना राजनीति के साथ ही मुख्तार की हद में ठेके लेने लगा था। दोनों में गाजीपुर में रोडवेज के एक बड़े ठेके को लेकर विवाद भी सामने आया था।

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  • Web Title:Munna Bajrangi fear is low, now the witness will reach the court