पीजीआई, लोहिया समेत हर बड़े संस्थान को गिनने होंगे अपने परिसर में आवारा कुत्ते
Lucknow News - लखनऊ नगर निगम ने बड़े संस्थानों को कुत्ते गिनने का फरमान जारी किया लखनऊ, प्रमुख

राजधानी में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर नगर निगम ने आखिरकार सख्त रुख अपना लिया है। अब तक जिम्मेदारी से बचते रहे बड़े-बड़े संस्थानों को उनके कु़त्तों के लिए सीधे जिम्मेदारी दी गयी है। पीजीआई, लोहिया संस्थान, विश्वविद्यालयों, स्टेडियमों, सभी छोटे बड़े सरकारी अस्पतालों और विभागों को साफ आदेश दिया गया है कि वे अपने परिसरों में मौजूद बेसहारा कुत्तों की गिनती कर रिपोर्ट दें। नगर निगम ने दो टूक कह दिया है, डेटा नहीं तो जवाबदेही तय होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया है। नगर निगम को इसकी जिम्मेदारी दी है। साथ ही सभी सरकारी विभागों व अस्पताल परिसरों के कुत्तों के लिए भी शेल्टर होम बनाने को कहा है।
इनमें कितने कुत्ते हैं इनकी जानकारी निगम के पास नहीं है। ऐसे में अब नगर निगम ने विभागों व अस्पतालों से अपने परिसरों के कुत्ते गिनकर रिपोर्ट शीघ्र भेजने को कहा है। एक-दो दिनों में सभी की रिपोर्ट आने की उम्मीद है। ----------------------------- नगर निगम अकेले नहीं उठाएगा कुत्तों का बोझ नगर निगम ने सभी प्रमुख सरकारी और अर्धसरकारी संस्थानों को पत्र भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि अब आवारा कुत्तों का बोझ अकेले निगम नहीं उठाएगा। जिन परिसरों में कुत्ते हैं, उनकी गिनती वही संस्थान करेंगे। इसके लिए अपने कर्मचारियों से कुत्ते गिनवाकर तय समयसीमा में रिपोर्ट सौंपनी होगी। -------------- पीजीआई–लोहिया से लेकर यूनिवर्सिटी सभी शिक्षा विभाग को भी पत्र नगर निगम की सूची में संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई), लोहिया संस्थान, लखनऊ विश्वविद्यालय, एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, इकाना स्टेडियम, रोडवेज, रेलवे और बड़े विभाग शामिल हैं। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी लिखा गया है। सभी स्कूल कालेजों से रिपोर्ट लेकर भेजने को कहा गया है। ------------ कुत्तों की संख्या के आधार पर बनेगा शेल्टर होम नगर निगम ने साफ कहा है कि डॉग शेल्टर होम आंकड़ों के आधार पर बनेगा। कुछ संस्थानों ने रिपोर्ट भेजने की बात कही है जबकि कुछ एक दो दिनों में दे देंगे। निगम के मुताबिक सही संख्या सामने आए बिना न शेल्टर होम की क्षमता तय हो सकती है, न बजट। --------------------------- हमने सभी विभागों व संस्थानों को पत्र लिखकर कुत्तों की गिनती कर सही रिपोर्ट देने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सभी से कुत्तों की संख्या मांगी गयी है। आंकड़े आने पर उसी के आधार पर नगर निगम शेल्टर होम का निर्माण कराएगा। कुछ विभाग भेज रहे हैं कुछ को दोबारा रिमाइंडर भेजा जा रहा है। डा. अभिनव वर्मा, पशु कल्याण अधिकारी, नगर निगम

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