अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मोहर्रम 2018 : जुलूस हुसैनी में गूंजी नौहों की सदायें, बरसे आंसू

1 / 3

2 / 3

3 / 3

PreviousNext

मोहर्रम शुरू होने से पहले सोमवार की रात यहां 29 जिलहिज का जुलूस अलमों के साये में फैजाबाद रोड से निकला। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकले जुलूस में अंजुमनों ने नौहों की सदाओं और मातमे हुसैनी से कर्बला के शहीदों को पुरसा दिया। या हुसैन की सदाओं के साथ निकले जुलूस में अलम और दुलजना भी शामिल रहे। फैजाबाद रोड से बरामद जुलूस नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए विभिन्न मार्गों से होते हुए इमामबाड़े पहुंचा।
यहां मोहर्रम के चांद से पहले जुलूसे हुसैनी निकालने की रवायत है। इसी जुलूस के साथ मोहर्रम के चांद का इंतजार और शहीदानें कर्बला का गम मनाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। स्याह लिबास में जहरा के लाल को पुरसा देने के लिए अहलेबैत दो महीने आठ दिन गमें हुसैन में डूबे रहते हैं। सोमवार देर रात फैजाबाद से निकले 29 मोहर्रम के जुलूस में सोगवार शियों ने नौहों की सदाओं और मातमे हुसैनी के साथ कर्बला के 72 शहीदों की याद में आंखों से आंसुओं का नजराना पेश किया।
 अंजुमन बहराइच, अंजुमन बनवरिया ने नौहाख्वानी पेश की। फैजाबाद रोड से एकता चौराहे से होते हुए अंजुमन इमामबाड़े पहुंचा। जुलूस में सैय्यद रजा हुसैन रिजवी, आजम आब्दी, काजिम हुसैन, कल्बे मोहसिन, अधिवक्ता सफदर हुसैन, इरशाद हुसैन, कासिम, अदब, रोमी समेत तमाम शिया हजरात शामिल रहे। 
इस जुलूस के आगाज के बाद ही गोंडा में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो जायेगा। मजलिसों की शुरुआत नब्बन, बनवरिया, मरहूम जहीर, माशूक, डॉ वसी हैदर, गजनफर हुसैन के यहां से शुरू होगी। बताया गया कि सिलसिले की मजलिसों में रोजाना होने वाली मजलिसों की आखिर मजलिस अंजुमन इमामबाड़े में होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Muharram 2018 Hussain forever the tears in people eye