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दम तोड़ रही है मैनुअल स्क्वैंजर का उद्धार करने की सरकारी कोशिश

उत्तर प्रदेश में हाथ से मैला साफ करने की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने की सरकारी कोशिश सरकारी मशीनरी की उदासीनता के चलते दम तोड़ रही है। राज्य में आज तक मैनुअल स्क्वेंजर्स एक्ट 2013 के तहत तमाम जिलों में जिला निगरानी समितियों का विधिवत गठन ही नहीं हो पाया है। जिन जिलों में ऐसी समितियां गठित भी हुई हैं वह पूरी तरह निष्क्रिय हैं, क्योंकि जिला प्रशासन ने उनकी एक भी बैठक आहूत नहीं करवायी। कहने को तो इस बाबत राज्य स्तरीय निगरानी समिति भी गठित की गयी है, जिसमें दो महिला व दो पुरुष सदस्य हैं मगर यह राज्य स्तरीय समिति भी अधिकार व संसाधन विहीन होने की वजह से प्रभावी नहीं हो पा रही है। इस राज्य स्तरीय निगरानी समिति के एक सदस्य उरई के सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भग्गूलाल वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस मामले में लापरवाह अफसरों की जांच करवाते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएं। ‘हिन्दुस्तान को उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन 47 जिलों में 25 मार्च 2018 से मैनुअल स्क्वेंजरों के राष्ट्रीय सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया गया, उनमें से सिर्फ 18 जिलों की रिपोर्ट राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त विकास निगम के समक्ष भेजी गयी है। काफी जिलों से महज औपचारिकता निभाते हुए शून्य रिपोर्ट भेजी गई कि उस जिले में हाथ से मैला साफ करने वाला कोई स्वच्छकार नहीं है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उक्त निगम द्वारा एक गाइड लाइन भी जारी की गई थी और जून 2018 से समय-समय पर लगातार केन्द्र सरकार एवं उप्र सरकार द्वारा तमाम शासनादेश जारी करने के बाद भी काफी जिलों में सर्वेक्षण फार्मेट जिला-प्रशासन की अलमारियों में दफन कर दिये गये या टेबलों पर पड़े धूल खा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के तमाम जिलों में एम.एस. एक्ट 2013 के तहत गठित जिला निगरानी समितियों की आज तक एक भी मीटिंग नहीं की गई।यह है समिति की जिम्मेदारी : बताते चलें कि जिलों में हाथ से मैला साफ करने वाले स्वच्छकारों की पहचान करने के लिए एक जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति और एक जिला स्तरीय समिति गठित करने का प्रावधान एम.एस. एक्ट 2013 के तहत किया गया है। इसमें सर्वेक्षण समिति की जिम्मेदारी है कि वह जिले में हाथ से मैला साफ करने वाले स्वच्छकारों का चिन्हांकन करे, उनकी सूची बनाए और उन्हें इस पेशे से विरत करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलवाने में सहयोग करे। दूसरी निगरानी समिति का दायित्व यह है कि वह जिले में इस बात की निगरानी रखे कि कहीं हाथ से मैला साफ करने का काम तो नहीं हो रहा है। अगर हो रहा है तो उसकी सूचना जिला प्रशासन को देकर उसे खत्म करवाए।

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  • Web Title:MS ACT