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इमाम हुसैन ने दुनिया के सामने पेश किया इस्लाम का असली चेहरा

पहली मोहर्रम को शहर के इमामबाड़ों में शुरू हुआ मजलिसों का दौरकर्बला के शहीदों की याद में सजे घरों में इमामबाड़ेदेर रात तक जारी रहा मजलिस व मातम का सिलसिला लखनऊ। कार्यालय संवाददातकर्बला में इमाम हुसैन व उनके बहत्तर साथियों की शहादत के गम में पहली मोहर्रम को पुराने लखनऊ के अजाखानों से या हुसैन की सदाएं आना बुलंद हो गई। वहीं, 1 से 9 मोहर्रम तक होने वाली लखनऊ के इमामबाड़ों में होने वाली कदीमी मजलिसों का आगाज भी हो गया। सुबह दस बजे से शुरू हुई मजलिसों को सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वहीं, विक्टोरिया स्ट्रीट पर अजादारों के लिए सबीले भी लगना शुरू हो गई है। इमामबाड़ा गुफरानमॉब में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि रसूल का इरशाद है कि हुसैन मुझसे हैं और मैं हुसैन से हूं। यह हदीस अहले सुन्नत की किताबों में भी मौजूद है। रसूल की दुआ है कि जो हुसैन को दोस्त रखे अल्लाह तू उसे दोस्त रखना और जो हुसैन को दुश्मन रखे तू उसे दुश्मन रखना उन्होंने कहा कि रसूल अल्लाह की दुआ कभी रद नहीं हो सकती क्योंकि अल्लाह ने कुरान में कहा है कि या रसूल आप दुआ मांगे। जब अल्लाह दुआ मांगने को कह रहा है तो दुआ कैसे रद हो सकती है। इमामबाड़ा अफजल महल में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली नासिर सईद अबाकाती आगा रुही ने कहा कि अल्लाह ने कुरान में जालिम की मजम्मत की है। इसलिए जालिम का साथ नहीं देना चाहिये। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुसलमान बादशाह ने जुल्म किया है तो उसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर इस्लाम को पहचानना है तो रसूले खुदा और अहलेबैत जरिए से पहचाना जाए, बादशाहों के जरिए से नहीं। क्योंकि रसूल और अहलेबैत ने दुनिया को इंसानियत का असली दर्स दिया है। इमाम हुसैन ने पेश किया सही इस्लाम इममाबाड़ा जन्नतमाब तकी साहब चौक में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि अगर किसी सही इस्लाम चाहिये है तो उसे कर्बला से दर्स लेना चाहिए। क्योंकि कर्बला में पूरे कुरान की तफसील मौजूद है। इमाम हुसैन ने कर्बला में पूरी दुनिया के मुसलमानों के सामने सही इस्लाम को पेश किया। यही इमाम हुसैन की सफलता का सबसे बड़ा कारण है कि वह शहीद हो जाने के बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा है। इमामबाड़ा आगा बाकर में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना मीसम जैदी ने कहा कि अहलेबैत के चाहने वाले अपने ऊपर नाज करें वह कम है क्योंकि अल्लाह ने जिनको कुरान का वारिस बनाया उन्ही को हमारा भी वारिस बनाया। इसके अलावा इमामबाड़ा सैयद आगा मरहूम विक्टोरिया स्ट्रीट में मौलाना अख्तर अब्बास जौन, इमामबाड़ा सिब्तैनाबाद हजरतगंज में मौलाना अकील अब्बास मारूफी ने मजलिस को खिताब किया। आमद-ए-काफिले हुसैनी का मंजर आजदूसरी मोहर्रम पर कर्बला दयानुतदौला परिसर में इदारा-ए-सक्का-ए-सकीना नूरबाड़ी की ओर से शाम 5 बजे जुलूसे आमद-ए-काफिले हुसैनी निकाला जाएगा। इससे पहले होने वाली मजलिस को मौलाना कल्बे जवाद नकवी खिताब करेंगे। जुलूस में पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और उनके साथियों के कर्बला पहुंचने का मंजर पेश किया जायेगा।

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