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मोहर्रम को लेकर तैयारियां शुरू इस्तकबाले अजा की मजलिसें आज से

10 सितम्बर से शुरू होगी ताजियों की खरीदारी

लखनऊ। कार्यालय संवाददाता

अय्यामे अजा मोहर्रम की आमद को लेकर शहर के इमामबाड़ों और घरों में तैयारियां शुरू हो गई। इमाम हुसैन के गम में इमामबाड़ों में रखें जाने वाले ताजिये भी बनना शुरू हो गए हैं। वहीं, पहली मोहर्रम को बड़े इमामबाड़े से निकलने वाली शाही जारी का काम भी 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, शहर के कुछ इमामबाड़ों में इस्तकबाले अजा की मजलिसे शुरू हो जाएगी।

इमाम हुसैन व उनके बहत्तर साथियों की शहादत के गम में शिया समुदाय दो महीने आठ दिन तक गम मनाता है। मोहर्रम का चांद देखने के बाद महिलाएं श्रृंगार का सामान चूड़ी आदि उतर देती है। साथ ही लोग अपने इमामबाड़ों को सजना शुरू कर देते हैं। इमामबाड़ों को सजाने लिए ताजियों और जरीह की खरीदारी 10 सितम्बर से शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज तिराहा स्थित सुल्तानुल मादारिस, काजमैन, दरगाह हजरत अब्बास, बजाजा, कश्मीरी मोहल्ला और हुसैनाबाद इलाकों में ताजिए की दुकानें सजती है।

मजलिसे इस्तकबाले अजा आज से

मोहर्रम से पहले शहर में मजलिस-इस्तकबाले अजा का सिलसिला गुरुवार से शुरू हो जायेगा। अंजुमनें कदीम आले इबा की ओर से मौलवीगंज स्थित इमामबाड़ा अमीर महल रस्सी बटान में पांच दिवासीय मजलिसों का आयोजन रोजाना रात 8 बजे किया जाएगा। यहां पहली मजलिस को मौलाना कौसर रजा खिताब करेंगे। सरफराजगंज स्थित इमामबाड़ा बिलकीस जहां में भी गुरुवार से पांच दिवासीय मजलिसों का आयोजन रोजाना शाम 7.30 बजे किया जायेगा। पहली मजलिस को जीशान अली आजमी, दूसरी मौलाना तनवीर अब्बास, तीसरी मौलाना शब्बर हुसैन रिजवी, चौथी मौलाना एजाज मेहदी खान और अंतिम मजलिस को मौलाना मीसम जैदी खिताब करेंगे। इसके अलावा सआदतगंज स्थित कर्बला दयानुतद्दौला मेंअंजुमन रजाए हुसैन की ओर से मजलिसों का आयोजन किया जाएगा।

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