DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कर्बला के शहीदों की याद में हुई मजलिस

कर्बला के शहीदों के गम में मजलिस-मातम का सिलसिला जारी है। गुरुवार को शहर के अलग-अलग इमामबाड़ों, रौजों, कर्बला और अजाखानों में अजादारों ने मजलिस कर शहीदों को आंसूओं का नजराना पेश किया। हरदोई रोड के सरफराजगंज स्थित रौजए अली में स्वर्गीय इश्तियाक हुसैन रिजवी की सालाना मजलिस आयोजित हुई। मजलिस का आगाज तिलावते कलामे पाक से इसहाक हुसैन तालिब जैदी ने किया, जिसके बाद हुसैन मुर्तजा, आफताब वहीद नायाब, हसन मेहदी आदि ने अपने कलाम पेश किये। मजलिस को मौलाना नजर अब्बास ने खिताब करते हुए वालिदैन की अजमत बयान की। उन्होंने कहा कि वालिदैन की इताअत इंसान के आज और कल दोनों के लिए बेहतर है। उन्होंने हजरत अब्बास की सीरत बयान करते हुए मौलाए काएनात हजरत अली ने हजरत अब्बास की तमन्ना की। इसीलिए हजरत अब्बास को तमन्नाए अली भी कहा जाता है। मौलाना ने हजरत अब्बास की शहादत का मंजर बयान किया तो अजादार गमगीन हो उठे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:mohrram