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दुनिया में इस्लाम ने फैलाई शिक्षा की रोशनी

दरगाह हजरत मखदूम शाहमीना शाह में मीनाई एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से जलसा शोहदाए कर्बला को खिताब करते हुए इमाम कारी मोहम्मद अजमल जियाई ने कहा कि हर वह इंसान जिसके दिल में कुदरत ने जर्रा बराबर भी अदल और इन्साफ दिया है, वह मोहर्रम के महीने को बड़ी अकीदत व इज्जत की निगाहों से देखता है। मौलाना ने जलसे में कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के शहीद हुए इमाम हुसैन को खिराजे अकीदत पेश किया। वहीं,अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में तजकिर-ए-शोहदाये किराम को खिताब करते हुए मौलाना कारी मोहम्मद कासिम ने कहा कि इस्लाम सारी इन्सानियत के लिए दीने रहमत है। जलसे में कारी मोहम्मद सिद्दीक शहीद का मकाम व मर्तबा बयान करते हुये कहा कि इस्लाम हर किस्म के तशद्दुद और दहशतगर्दी का शदीद मुखालिफ है। इस्लाम शिक्षा का दीन है ईदगाह ऐशबाग स्थित दारूल उलूम फरंगी महल में जलसे को खिताब करे हुए मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस्लाम शिक्षा का दीन है। इस्लाम अज्ञानता का अंत करता है। अल्लान ने रसूल को पूरी दुनिया का शिक्षक बना कर भेजा। मौलाना ने कहा कि रसूल के साथ सहाबाओं ने भी शिक्षा की रोशनी पूरी दुनिया में फैलाई। इसी वजह से आज दुनिया के जिस भाग में शिक्षा का वर्णन होता है वह इन पवित्र लोगों के मेहनत का फल है। मौलाना फरंगी महली ने कहा कि साइंस, भुगोल, चिकित्सा, मार्डन मीडिसिन, गणित जैसे लाभदायक विषयों के उत्पादक मुसलमान ही हैं। जब हम ने शिक्षा का दामन छोड़ दिया, पतन ने हमको घेर लिया है।

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