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शिया सुन्नी, हिन्दु मुसलमान के बीच नफरत फैलाना गलत

दूसरी मोहर्रम को पुराने लखनऊ में दिन भर चला मजलिसों का दौर माहे अजा की दूसरी मोहर्रम को अजाखाना डॉ सैय्यद आगा में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अख्तर अब्बास जॉन ने लोगों में आपसी भाईचारे बनाए रहने का पैगाम दिया। मौलाना ने कहा कि कुरान व अहलेबैत एक दूसरे से जुदा नहीं हो सकते हैं। यदि कोई सिर्फ कुरान या अहलेबैत के नजदीक होना चाहे तो वह दोनों से ही दूर हो जाएगा। दुनिया में बहुत से मुसलमानों की परेशानी में होने की वजह सिर्फ यही है कि वह किसी एक के साथ होना चाहते हैं। लिहाजा वह कुरान और अहलेबैत दोनों से दूर होते जा रहे हैं। मौलाना ने कहा कि अल्लाह सिर्फ मुसलमानों का नहीं है बल्कि पूरी दुनिया को बनाने वाला है। भले ही हम उसको अलग अलग नामों से पहचानते हो लेकिन वह एक ही है। मौजूदा समय में दुनिया में जो नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, ये बहुत ही गलत है। शिया सुन्नी, हिन्दु मुसलमान के बीच नफरत पैदा की जा रही है। जो बहुत ही गलत है। इमाम हुसैन ने हमेशा मोहब्बत का पैगाम दिया है। हुसैनिया जन्नतमॉब में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि आज पूरी दुनिया इमाम हुसैन को अपना कहती है। हर धर्म का मानने वाला इमाम हुसैन का होने पर गर्व महसूस करता है। यही सच्ची इमामत है। इमाम हुसैन की सफलता का सबसे बड़ा कारण ये है कि शहीद हो जाने के बाद भी वह अब तक लोगों के दिलों में जिंदा है जबकि यजीन मलून आज भी जालिम हुक्मरान के रुप में जाना जाता है। गमें हुसैन बढ़ता ही जाएगा इमामबाड़ा गुफरानमॉब में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी ने कहा कि हर जालिम हजरत इमाम हुसैन की अजादारी से डरता है क्योंकि यही अजादारी है जो मजलूमों को जालिम से टकराने की हिम्मत देती है। इसलिए जालिम यह कोशिश करता रहता है कि इमाम की अजादारी कम हो जाये या खत्म हो जाये, लेकिन इमाम हुसैन की अजादारी को जितना दबाया जायेगा यह उतना ही उभरेगी और फैलेगी। जमाना सदियों से इमाम की अजादारी को मिटाने की कोशिक करता आ रहा है, लेकिन इसे खत्म करने की कोशिक करने वाले खत्म हो गये लेकिन इमाम की अजादरी बढ़ती ही जा रही है। इमामबाड़ा आगा बाकिर में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना डॉ कल्बे सादिक ने कहा कि इस्लाम में जिदंगी के हर मसले का हल मौजूद है। वक्त बदलने के साथ जो नए मसले व समस्याएं आती है। उसके लिए मरजा मौजूद हैं। एक मुजतहिद और फकीह कुरान व सुन्नत की रौशनी में दुनिया में पेश आने वाली ताजा मुश्किलें हल करता है। हमारे फिरके में आपसी भाईचारे का दरवाजा आज भी खुला है। इसके बाद मौलाना ने जब हुसैन इब्ने अली पर कर्बला में हुए जुल्म बयान किए तो अजादारों की आंखों में आंसू आ गए। रौजाए जनाबे मुस्लिम हुसैनाबाद में मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना तकी रजा ने कहा कि कर्बला हमारे लिए हक और इंसाफ की आवाज बुलन्द करने वाली है। कर्बला का पैगाम है जालिम से नफरत और मजलूम और हिमायत करना।

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  • Web Title:mohrram