सावधान! घंटों रील देखने से जकड़ रही है गर्दन, युवाओं में भी दर्द का डबल खतरा

Feb 14, 2026 03:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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Lucknow News - केजीएमयू की फिजियोथेरेपी यूनिट में एक महीने में 1500 मरीज आए, जिनमें से 60 प्रतिशत युवाओं की गर्दन में दर्द का कारण मोबाइल का अधिक उपयोग पाया गया। 18 से 28 वर्ष के युवा सबसे अधिक प्रभावित हैं। डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से मांसपेशियों में जकड़न और अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं।

सावधान! घंटों रील देखने से जकड़ रही है गर्दन, युवाओं में भी दर्द का डबल खतरा

केजीएमयू के हड्डी रोग विभाग की फिजियोथेरेपी यूनिट में एक माह में पहुंचे 1500 मरीज 60 प्रतिशत युवाओं की गर्दन में दर्द का कारण मोबाइल मिला 40 फीसदी लोगों की गर्दन में दर्द उम्र व दूसरे कारणों से 18 से 28 साल के युवा सबसे ज्यादा परेशान लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। मोबाइल फोन पर घंटों झुककर रील आदि देखने की आदत लोगों की गर्दन पर भारी पड़ रही है। केजीएमयू के हड्डी रोग विभाग व फिजियोथेरेपी यूनिट के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। गुजरे एक माह में यहां गर्दन दर्द की शिकायत लेकर 1500 मरीज पहुंचे। इनमें करीब 60 प्रतिशत मरीजों की परेशानी की मुख्य वजह लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल पाई गई।

इसके विपरीत 40 प्रतिशत मरीजों में गर्दन दर्द का कारण बढ़ती उम्र, गठिया या अन्य चिकित्सीय स्थितियां पाई गईं। हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियां सबसे अधिक प्रभावित हैं। लगातार स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने और गर्दन झुकाकर बैठने से सर्वाइकल स्पाइन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न, सिरदर्द, कंधों में दर्द और हाथों में झनझनाहट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

डॉ. आशीष ने बताया कि मोबाइल का उपयोग करते समय शरीर की सही मुद्रा न अपनाना बड़ी समस्या है। कई युवा पढ़ाई, गेमिंग और सोशल मीडिया के लिए दिन में छह से आठ घंटे तक स्क्रीन पर समय बिता रहे हैं। एआई की वजह से मनपसंद रील व वीडियो स्क्रीन पर आते हैं। जिससे लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह समस्या आगे चलकर गंभीर सर्वाइकल रोग का रूप ले सकती है। समय पर इलाज जरूरी फिजियोथेरेपी यूनिट के रवीन्द्र ने बताया कि गर्दन दर्द का मोबाइल का एक बड़ा कारण है। समय पर डॉक्टर की सलाह पर इलाज व फिजियोथेरेपी जरूरी है। इलाज में कोताही से परेशानी बढ़ सकती है। हाथों में झनझनाहट, कमजोरी या तेज सिरदर्द हो सकता है। गर्दन दर्द से पीड़ित 80 प्रतिशत मरीजों ने मोबाइल का अत्याधिक इस्तेमाल बताया।

डॉक्टरों ने सलाह दी कि हर 30 मिनट बाद ब्रेक लें मोबाइल आंखों के स्तर पर रखें। नियमित रूप से गर्दन व कंधों के व्यायाम करें। जरूरत के अनुसार ही मोबाइल का इस्तेमाल करें अनावश्यक सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग न करें । रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक करें योग या हल्का व्यायाम करें। ताकि कंधों की मांसपेशियां मजबूत बनें काम करते समय कुर्सी और मेज की ऊंचाई सही रखें गर्म सिकाई या हल्की मालिश करें।

मोबाइल को नीचे झुकाकर देखना लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल करना बिस्तर पर लेटकर या करवट लेकर फोन चलाना गलत पोश्चर में बैठना स्क्रीन टाइम के दौरान व्यायाम या स्ट्रेचिंग न करना दर्द का कारण बन सकता है।

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