ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश लखनऊमोटे अनाजों के मिशन मोड वाली खेती को मिलेगी रफ्तार

मोटे अनाजों के मिशन मोड वाली खेती को मिलेगी रफ्तार

प्रमुख संवाददाता लखनऊ। हरित क्रन्ति से पहले भारत में जितने अनाज का उत्पादन होता...

मोटे अनाजों के मिशन मोड वाली खेती को मिलेगी रफ्तार
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊWed, 01 Feb 2023 09:40 PM
ऐप पर पढ़ें

लखनऊ-प्रमुख संवाददाता

हरित क्रन्ति से पहले भारत में जितने अनाज का उत्पादन होता था, उसमें से 40 प्रतिशत हिस्सा मोटे अनाजों का था। आज यह हिस्सेदारी 10 प्रतिशत के करीब हो गई है। स्वास्थ्य कारणों से इसकी जरूरतों को देखते हुए अब देश में मोटे अनाजों का उत्पादन समय की मांग है। लिहाजा, सरकार ने मोटे अनाजों की खेती को मिशन मोड में शुरू कराने की योजना तैयार की है। यूपी सबसे अधिक रकबा वाला प्रदेश हैं लिहाजा यहां इसकी खेती के क्षेत्र में वृद्धि की व्यापक सम्भावनाएं है। मोटे अनाजों में बाजरा ही यूपी में सबसे अधिक होता है और इसके विस्तार की भी व्यापक सम्भावनाएं हैं।

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बाजरा उत्पादकों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए विशेष रूप से कार्यक्रम चलाने का ऐलान किया है। उन्होंने श्री अन्न के उत्पादन को और बढ़ाने, लोगों के भोजन की थाली का हिस्सा बनाने की दिशा में सरकार की ओर से प्रयास किए जाने का जिक्र किया। इसके लिए 2200 करोड़ के फंड का ऐलान किया गया है। इससे श्री अन्न का उत्पादन करने वाले यूपी के किसानों की स्थिति में सुधार होगा।

मोटे अनाज (मिलेट्स) को लेकर योगी सरकार ने पहले से ही कई तरह के कार्यक्रम शुरू किए हैं। योगी सरकार ज्वार, बाजरा, कोदो और सावां आदि की खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम की शुरुआत कर रही है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा 18626.50 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। इसके माध्यम से मिलेट को आम जनता की थाली तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। यही नहीं सभी 18 जिलों में पहली बार एमएसपी पर बाजरा की खरीद की गई है। देश में मोटे अनाजों के उत्पादन में यूपी चौथे स्थान पर है। राजस्थान, कर्नाटक और मध्य प्रदेश पहले, दूसरे एकं तीसरे नम्बर पर हैं।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें