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लखनऊ

आबादी की जमीन पर दे दिया खनन का पट्टा

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 08:25 PM
आबादी की जमीन पर दे दिया खनन का पट्टा

-जब काश्तकारों का खेत खोदना शुरू किया तो हुई शिकायत

-राजस्व अभिलेखों में तालाब, चकबंदी में 300 लोगों का गांव

-मोहनलालगंज के खुजहेटा का मामला, अब होगी जांच

लखनऊ। मुख्य संवाददाता

मोहनलालगंज के खुजहेटा में रातोरात कृषि की जमीन पर खनन हो गया। खेत में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। यहां रहने वाले परिवारों का कहना है कि यह जमीन चकबंदी में काश्तकारों की है। उनके पास दस्तावेज हैं। इससे संबंधित मुकदमा चकबंदी उपसंचालक के कोर्ट में चल रहा है। सभी कागजात दिखाने के बावजूद भी राजस्वकर्मियों ने खनन का पट्टा दे दिया।

ग्रामीणों के अनुसार इस पूरे क्षेत्र में 300 से अधिक लोग रहते हैं। खसरा संख्या 857 की चकबंदी के बाद नई निर्मित खसरा संख्या 1400 हुई। इसी तरह खसरा 1753 और 1765 की चकबंदी के बाद 1411 हुई। वर्ष 2002 कर्मचारियों की मिलीभगत से यह राजस्व अभिलेखों में तालाब नाम से दर्ज हो गई। मामला हाईकोर्ट तक गया। मौजूदा समय में उप संचालक चकबंदी के कोर्ट में मामला चल रहा है। इस पर अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को है। इस जमीन पर शुरू से लेकर अभी तक काश्तकारों का कब्जा रहा है।

ग्रामीणों की गुहार लगाने के बावजूद भी राजस्व कर्मी नहीं मानें। खनन का पट्टा जारी हो गया। खनन करने वाले ठेकेदार कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं। अब ग्रामीणों को डर इस बात का है कि खनन नहीं रुकवाया गया तो कृषि भूमि की प्रकृति बदल जाएगी।

खेत में गड्ढों से दुर्घटना का खतरा

लोगों के घरों से सटे खेत में खनन ठेकेदारों ने मिट्टी निकालकर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए। इस तरफ यहां रहने वाले परिवारों के बच्चे खेलते हैं। ऐसे में कभी भी इन गड्ढों की वजह से कोई दुर्घटना हो सकती है।

बयान

‘खुजहेटा के काश्तकार मिले थे। उन लोगों ने कोर्ट से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए हैं। जांच कराई जा रही है। चकबंदी अधिकारियों को भी बुलाया गया है।

डॉ. शुभी काकन, एसडीएम मोहनलालगंज

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