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राजधानी में दो करोड़ का सरकारी चावल डकार गए मिल मालिक

राजधानी में दो करोड़ का सरकारी चावल डकार गए मिल मालिक

राजधानी की तीन मिलों ने करीब दो करोड़ रुपये का सरकारी चावल गबन कर लिया। साधन सहकारी समितियों के जरिए कुटाई के लिए धान इन मिलों को दिया गया था। 
धान कूटने के बाद मिलरों ने निर्धारित चावल की मात्रा सरकार को वापस ही नहीं की। चावल दबा कर बैठ गए। चावल जमा करने की कई नोटिस भेजने और डीएम के निर्देश के बाद जब मिल मलिक नहीं माने तो इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शंकर राइस मिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई है। अन्य दो मिल मालिकों के खिलाफ पीसीएफ और एसएफसी से रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है। 
67 प्रतिशत चावल लौटाना पड़ता है : 
सरकारी धान की खरीद के बाद उसे कूट कर चावल निकालने के लिए धान राइस मिल लेती है। धान कूटने के बाद इसका 67 प्रतिशत सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) यानी चावल मिलों को लौटाना होता है। बीते वित्तीय वर्ष (2017-18) में जबरौली, मोहनलालगंज स्थित श्रीलाल ऑयल एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को साधन सहकारी समिति गढ़ा और इस्माइलनगर से करीब 12118 कुंतल धान कुटाई के लिए दिया गया लेकिन करीब आठ हजार कुंतल से अधिक चावल वापस करना था। लेकिन करीब सात हजार कुंतल ही वापस किया गया। वापस नहीं किए चावल की कीमत करीब 32 लाख रुपए बताई जा रही है। जल्द ही जांच होगी जिसमें कुछ और नाम भी  समाने आने की आशंका है। 
अन्नपूर्णा में भी घपला
इसी तरह से मोहनलालगंज के गौरा स्थित अन्नपूर्णा फूड्स को समेसी साधन सहकारी समिति से 10762 कुंतल धान कुटाई के लिए दिया गया। जिसमें से मिल को 7211 कुंतल सीएमआर वापस करना था। करीब साढ़े तीन हजार कुंतल चावल ही मिल ने वापस किया। बकाया चावल लौटाने के लिए कई बार विभाग ने नोटिस भेजी। लेकिन मिल मालिकों ने बकाया चावल नहीं जमा किया। इस मिल पर बकाया चावल की कीमत  करीब एक करोड़ रुपए होती है। 
 सत्यापन में स्टॉक शून्य 
 इसके बाद डीएम कौशलराज शर्मा ने 18 मई को  सभी मिल मालिकों को बुलाकर 30 जून तक बकाया चावल जमा करने के निर्देश दिए। एसडीएम मोहनलालगंज के नेतृत्व में एक सामिति का गठन कर मिलों का सत्यापन करने को कहा।  सत्यापन में इन मिलों में स्टॉक के नाम पर दो-चार कुंतल चावल ही मिला।  इसके बाद जिलाधिकारी ने मिलों के खिलाफ गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने और आरसी जारी करने के निर्देश दिए। 
शंकर राइस मिल पर केस
गोसाईंगंज स्थित शंकर राइस मिल को 4270.80 कुंतल धान दिया गया। कूटने के बाद मिल को 2861.43 कुंतल चावल वापस करना था। लेकिन थोड़ा वापस करने के बाद मिल के मालिक मनीष शुक्ला ने चावल वापस नहीं किया।  जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि शंकर राइस मिल के मालिक के खिलाफ नगराम थाने में  रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। इस मिल पर करीब 52 लाख का चावल  बकाया है।  

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  • Web Title:Millions of government-owned rice millers in capital