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इमरजेन्सी इलाज के लिए ट्रेंड करने को चार राजकीय मेडिकल कालेजों में खुलेंगे कौशल विकास केन्द्र

प्रमुख संवाददाता / राज्य मुख्यालय। प्रदेश सरकार कानपुर, झांसी, गोरखपुर और मेरठ के राजकीय मेडिकल कालेजों में राष्ट्रीय आकस्मिक रक्षक कौशल विकास केन्द्र स्थापित करेगी। इन चारों मेडिकल कालेज के लिए केन्द्र के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने साढ़े पांच करोड़ की रकम भी मंजूर की है। इसी तरह इलाहाबाद और आगरा के राजकीय मेडिकल कालेजों में भी कौशल विकास केन्द्र खोले जाएंगे। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन 'गोपाल' इन कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना के लिए लम्बे समय से कोशिश कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा से भी कई बार बात की।चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा.रजनीश दुबे ने बताया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की दुघर्टना,आपदा व अन्य चिकित्सीय आपातकालीन परिस्थितियों में घायलों का त्वरित इलाज करने के लिए केन्द्र सरकार ने एक योजना शुरू की है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कालेजों कौशल विकास केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। इसमें चिकित्सकों, नर्सिंग व पैरा मेडिकल स्टाफ को आकस्मिक चिकित्सा एवं स्वास्थ सेवाओं में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ राष्ट्रीय आकस्मिक रक्षक कौशल विकास केन्द्र की स्थापना के लिए एमओयू भी साइन किया है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अब कानपुर, झांसी और गोरखपुर मेडिकल कालेजों में कौशल विकास केन्द्र खोलने के लिए के लिए 140 लाख और मेरठ मेडिकल कालेज के 110 दस लाख रुपए की रकम मंजूर की है।

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