हाल ही में हुआ प्लेसमेंट, नौकरी ज्वाइन करने से पहले MBA छात्र ने जहर खाकर दी जान
Lucknow News - चिनहट इलाके के मटियारी में 22 वर्षीय MBA छात्र आशीष पांडेय ने रविवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वह एक निजी हॉस्टल में रहता था और 4 फरवरी को नौकरी ज्वाइन करने वाला था। उसकी मौत की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन परिवार ने किसी भी आरोप से इंकार किया है।

चिनहट इलाके के मटियारी में रविवार रात एमबीए छात्र आशीष पांडेय (22) ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। वह एक निजी हॉस्टल में दोस्तों के साथ रहता था। जहरीला पदार्थ खाने के बाद गला सूखने पर तेजी से चीखा तो पड़ोस स्थित कमरे में बैठे साथी पहुंचे। तड़पता हुआ देखकर आनन फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां आशीष की मौत हो गई। फिलहाल परिवारीजनों ने किसी आरोप से इंकार किया है।
मृतक आशीष का प्लेसमेंट हो गया था और चार फरवरी को ज्वाइन करना था। मूल रूप से अंबेडकर नगर के सहरा जलालपुर निवासी आशीष राम स्वरूप यूनिवर्सिटी से एमबीए अंतिम वर्ष के छात्र थे। पढ़ाई के कारण मटियारी के कांतिपुरम स्थित एक हॉस्टल में रहते थे। चाचा भूलेश्वर ने बताया कि भतीजे ने रविवार रात करीब सवा दस बजे अपने कमरे में सल्फास खा लिया। जब उसकी हालत बिगड़ी तो वह चिल्लाने लगा। आशीष की चीख सुनकर पड़ोस के कमरे में बैठा रूममेट विकास पहुंचा। उसने देखा कि आशीष को खून की डल्टियां हो रही हैं। वह तड़प रहा था। आशीष ने जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। उसने आनन-फानन अन्य दोस्तों को आवाज देकर बुलाया। आशीष को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टर ने छात्र की हालत गंभीर बताते हुए भर्ती कर लिया। करीब एक घंटे इलाज होने के बाद उसकी आशीष की मौत हो गई। इस बीच अस्पताल प्रशासन ने छात्र के मौत की जानकारी चिनहट पुलिस को दी। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने छात्र के दोस्त से पूछताछ की।
पुलिस को तलाशी के दौरान छात्र के पास से मिले मोबाइल फोन से परिजनों को घटना की जानकारी दी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशीष के मौत के कारणों की पुष्टि न होने के कारण जांच के लिए विसरा और हार्ट सुरक्षित रखा गया है। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि आशीष की मौत के बाद उसके कमरे की छानबीन की। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आशीष के दोस्त ने बताया कि आशीष कुछ तनाव में रहता था जिसके चलते वह डिप्रेशन की दवा भी ले रहा था। परिवारीजनों ने किसी आरोप से इंकार किया है।
आशीष के चाचा ने बताया कि लखनऊ में ही एक निजी कंपनी में नौकरी लग गई थी। 4 फरवरी को उसे कंपनी में ज्वाइन करना था। आशीष तीन बहनों में इकलौता भाई था। मां सुभद्रा आंगनवाड़ी में नौकरी करती हैं। जबकि, पिता नागेश्वर नाथ की 2003 में मौत हो चुकी है।
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