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आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की माफीनामे के बाद बसपा में वापसी

आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की माफीनामे के बाद बसपा में वापसी

संक्षेप:

Lucknow News - - 1.34 पर मांगी माफी और 4.39 बजे वापसी का हुआ फैसला - मायावती जल्द

Sat, 6 Sep 2025 07:07 PMNewswrap हिन्दुस्तान, लखनऊ
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लखनऊ, विशेष संवाददाता बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ के माफीनामे बाद उनके घर वापसी की घोषणा कर दी है। उन्हें 12 फरवरी 2025 को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निकाल दिया गया था। माना जा रहा है कि अशोक सिद्धार्थ को जल्द ही पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। रविवार को होने वाली बैठक में भी उनके शामिल होने की चर्चा है। अशोक सिद्धार्थ ने शनिवार को दोपहर 1.34 बजे सोशल मीडिया एक्स पर लिखित माफीनामे को पोस्ट किया। उनका यह पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।

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इसके बाद ही माने जाने लगा था कि उनकी घर वापसी होने जा रही है। मायावती ने इसके बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर करीब तीन घंटे बाद 4.39 पर उन्हें माफ करते हुए पार्टी में वापस लेने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा है कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कुछ माह पहले पार्टी से निकाला गया था। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है और बसपा मूवमेंट के प्रति पूरी वफादरी काम करने का आश्यवासन दिया है। इसीलिए पार्टी में वापस लिया जा रहा है। मायावती ने कहा है कि अशोक सिद्धार्थ को अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था और वे इसका लगातार पश्चाताप विभिन्न स्तर पर कर रहे थे, लेकिन उन्होंने शनिवार को सार्वजनिक तौर पर अपना पछतावा जाहिर किया है। इसको ध्यान में रखते हुए पार्टी व मूवमेंट के हित में उन्हें एक मौका दिया जाना उचित समझा गया है। इसीलिए बसपा से उनके निष्कासन का फैसला तत्काल प्रभाव से रद्द किया गया है और पार्टी में वापस ले लिया गया है। उम्मीद है कि सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वे भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेंट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान जरूर देंगे। बसपा के नेतृत्व में डा. भीमराव अंबेडकर का कारवां आगे बढ़ता हुआ बहुजन समाज को शोषित वर्ग से ऊपर उठाकर यहां प्रदेश व देश का शासक वर्ग बना सके। इसके पहले अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए कहा कि ‘बहन जी का मैं हृदय से सम्मान व चरण- स्पर्श करता हूं। मुझसे पार्टी का काम करने के दौरान जाने व अनजाने में तथा गलत लोगों के बहकावे में आकर जो भी गलतियां हुई हैं उसके लिए हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। ‘बहन जी ने अनेकों कष्ट झेलकर, अपनी पूरी जिंदगी इस देश के करोड़ों दलितों और अन्य उपेक्षित वर्गों के हित व कल्याण के लिए समर्पित की है। मैं हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि वे मुझे माफ कर दें, आगे मैं कभी भी गलती नहीं करूंगा और पार्टी के अनुशासन में ही रहकर, उनके मार्ग-दर्शन में काम करूंगा। साथ ही मैं रिश्तेदारी आदि का भी कोई नाजायज फायदा नहीं उठाऊंगा। उन्होंने आगे कहा है कि मैं यहां यह भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि खासकर संदीप ताजने बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र व फिरोजाबाद के हेमंत प्रताप तथा यूपी के अन्य जिन लोगों को पार्टी से निकाला गया है, मैं उनको वापस लेने के लिए कभी सिफारिश नहीं करूंगा। इसके बाद उन्होंने पार्टी में वापस लिए जाने के बाद मायावती का आभार जताया और कहा कि उन्होंने मुझे माफ किया और पार्टी में वापस लिया। मैं एक बार फिर से ‘बहन जी को विश्वास दिलाता हूं कि मैं हमेशा पार्टी को मजबूत करने का काम करूंगा।