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मायावती ने मुनकाद अली के बेटों को बसपा से निकाला

- कानून हाथ में लेने वालों की बसपा में कोई जगह नहींप्रमुख संवाददाता- राज्य मुख्यालयबसपा प्रमुख मायावती ने राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटों को पार्टी से निकाल दिया है। उन्होंने कहा कि बसपा के किसी भी पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि को कानून अपने हाथ में लेने पर पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। कहा कि मुनकाद अली चाहे तो स्वयं पार्टी छोड़ सकते हैं।उन्होंने कहा कि बसपा ने सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति पर सरकार चलाई और उनके ऊपर जुल्म नहीं होने दी। सरकार में रहकर किसी भी प्रकार से सत्ता का दुरुपयोग किया है तो फिर उसके खिलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई भी की गई। इसी नीति तहत एक सांसद व दो विधायक को जेल भेजा गया। किसी भी कार्यकर्ता ने मेरे आदेश का उल्लंघन किया तो उसे फिर पार्टी से बाहर निकाल दिया गया। इसी ही नीति व सिद्धान्त के तहत राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटों को बसपा से बाहर निकाल दिया गया है।मुनकाद अली के बेटे की पत्नी मेरठ की किठौर नगर पंचायत से पार्टी के टिकट पर अध्यक्ष चुनी गई है। उनके बेटे ने समर्थकों के साथ एक दुकान पर जबरन कब्जा करने व साथ ही एक दलित की दुकान में तोड़फोड़ की। इस पर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया है।उन्होंने निकाय चुनाव जीतने वालों से कहा कि वे कानून के दायरे में ही रहकर अपने क्षेत्र के लोगों की सेवा करें और दूसरी पार्टियों की तरह कानून अपने हाथों में कतई न ले। डा. भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि पर छुट्टी रद्द किए जाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा का डा. भीमराव अम्बेडकर के प्रति नया उभरा प्रेम केवल दिखावटी व बनावटी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को डा. अम्बेडकर को भारतरत्न से सम्मानित करने व मण्डल आयोग की सिफारिश के आधार पर ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने का विरोध करने के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। देश की जनता अब यह अच्छी तरह से समझ चुकी है कि जब-जब चुनाव का समय होता है तो भाजपा वोट के स्वार्थ में अयोध्या का धार्मिक मुद्दा उछालकर माहौल को हिन्दू-मुस्लिम को गरम किया जाता है।

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  • Web Title:mayawati expell Munkad Alis sons
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