
अगड़ों को जोड़ने के लिए बसपा नहीं बनाएगी भाईचारा संगठन : मायावती
संक्षेप: Lucknow News - कैचवर्ड : पिछड़ा वर्ग भाईचारा संगठन की बैठक - बसपा सुप्रीमो बोली अपना हित
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अगड़ी जातियां राजनीतिक तौर पर काफी जागरूक समाज हो चुका है। इसको बसपा में जोड़ने के लिए अब अलग से भाईचारा संगठन बनाने की जरूरत महसूस नहीं की गई है। यह समाज बसपा में अपना हित सुरक्षित होते हुए देखकर खुद ही जुड़ जाएगा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में पिछड़ा वर्ग समाज भाईचारा संगठन की बैठक में दलित-मुस्लिम-पिछड़ा (डीएमपी) को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछड़ों को समझाएं कि सत्ता की चाबी मिलने पर ही अच्छे दिन आएंगे। ओबीसी समाज की विभिन्न जातियों के टूटे व बिखरे व कुछ के अलग से पार्टी और संगठन बनाने से नुकसान होता है।

जातिवादी पार्टियां इसका लाभ उठाती हैं। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी पिछड़ों को बताएं कि वर्ष 1989 में प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मंडल कमीशन की सिफारिशें बसपा के दबाव में ही लागू किया था। उन्हें समर्थन इस मुद्दे पर दिया था कि वह इसे लागू कराएं। बसपा की सरकारों में बड़ी संख्या में पिछड़े व अति पिछड़ों को मंत्रिमंडल में जगह देकर सम्मान किया गया। -- सतर्क और वोट न कटने दें मायावती ने कहा कि वैसे तो वह हर महीने 10 तारीख को वह संगठन की बैठक करती हैं, लेकिन एसआईआर शुरू हो रहा है। इसके चलते पहले बैठक कर रही हैं। ध्यान रखें कि पार्टी से जुड़े लोगों और वोटरों का एक भी नाम न कटे। उन्होंने पीले लिफाफे में पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। किन-किन बातों का ख्याल रखना है, इसके विस्तृत निर्देश दिए हैं। -- कांशीराम वाला बामसेफ ही असली उन्होंने कहा कि बामसेफ के बारे में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सबसे पहले बामसेफ की स्थापना कांशीराम ने की थी। जो पंतीकृत नहीं है और यही असली बामसेफ है। पंजीकृत बामसेफ स्वार्थी व अवसरवादी लोगों का संगठन है। कांशीराम द्वारा बनाया गया बामसेफ पढ़े-लिखे कर्मचारियों का एक सामाजिक संगठन है। यह अपनी सुविधा के अनुसार बहुजन समाज के लोगों में सामाजिक चेतना पैदा करने का काम करता है। यह बीच-बीच में मुझसे व बसपा परिवार से मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में इनकी अलग से बैठक करने की जरूरत नहीं है। लोग इस संगठन का गलत प्रचार न करें। -- सपा का पीडीए परिवार डवलपमेंट अथॉरिटी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा कि मायावती ही दलित, पिछड़ों व मुस्लिमों की असली नेता हैं। सपा का पीडीए फर्जी है और इसका मतलब परिवार डवलपमेंट अथॉरिटी है। वह भाजपा पर भी बरसे और बोले कि इनकी सरकार ने दो करोड़ नौकरियां देना का वादा किया था जो सिर्फ जुमला है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




