
चुनाव जनमत से अधिक कहीं जुगाड़ तंत्र न रह जाए: मायावती
Lucknow News - - घृणा व नफरत की राजनीति खत्म होनी चाहिए लखनऊ, विशेष संवाददाता बसपा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि देश में घृणा व नफरती तनाव की राजनीति खत्म होनी चाहिए। देशहित व जनहित के लिए जरूरी है कि चुनाव जनमत से अधिक जुगाड़ का तंत्र न रह जाए। मायावती ने गुरुवार को नए वर्ष की बधाई देते हुए कहा है कि भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारों को भी ‘अनेकता में एकता’ व ‘सर्व धर्म समभाव’ के साथ काम करना चाहिए। सभी धर्म का एक-समान सम्मान व सभी के जान, माल और मजहब की सुरक्षा की गारंटी संवैधानिक पहचान के हिसाब से होनी चाहिए। देश में अमीरी-गरीबी को बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि भारत में बहु-अपेक्षित समतामूलक विकास वाला काम होना चाहिए, जिससे लोगों का जीवन सही मायने में खुश और खुशहाल बन सके।
उन्होंने कहा कि यूपी में बहुजनों की अपार गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि से जीवन त्रस्त है। देश के विकास का लाभ कुछ मुट्ठी भर लोगों को नहीं, बल्कि सभी जरूरतमंदों को मिले। इसके लिए प्रति व्यक्ति विकास दर को सरकारी नीति व कार्यक्रमों से मजबूती प्रदान करके बेहतर बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश संवैधानिक मूल्यों व सिद्धांतों पर चलकर ही विश्वगुरु बन सकता है। इससे ही पड़ोसी देशों के साथ संबंध बेहतर होगा। केंद्र सरकार देश के बहुजन समाज को हीन व बोझ समझने की बजाय उन्हें मानव संपत्ति मानकर उन पर निवेश की नीति बनाए, जिससे देश का विकास संभव हो पाए। उन्होंने कहा है कि केवल उद्योगपतियों व धन्नासेठों की तिजोरी भरने से देश का जनहित लगातार प्रभावित होता रहेगा। इससे देश में अरबपतियों व खरबपतियों की संख्या बढ़ती जा रही है और गरीब बहुजन लोगों का जीवन मुट्ठी भर सरकारी अन्न व सहायता का मोहताज बनकर रह गया है। नए साल में देश व जनहित के इन अति-जरूरी मुद्दों पर सही नीयत व नीति से ईमानदार प्रयास से काम होने पर ही देशहित है।

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