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मालिकाना हक के लिए राज्यपाल से गुहार

सिंधी समाज के विस्थापितों को 68 वर्ष पूर्व किस्त पर मऊ जिले में जमीन मुहैया कराई गई। समस्त भुगतान के बाद जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल रहा है। सिंधी समाज के लोगों ने राज्यपाल से गुहार लगाई है। उन्होंने मामले हस्तक्षेप करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।

पार्षद विरेन्द्र कुमार वीरू के नेतृत्व में शनिवार को मऊ के सिंधी समाज के लोग राज्यपाल से मिले। उनका कहना है कि 50 विस्थापितों को वर्ष 1950 में मऊ में किस्त पर जमीन मुहैया कराई गई थी। उसकी कीमत 60 हजार रुपए निर्धारित की गई थी। समस्त भुगतान के बाद भी मालिकाना हक नहीं दिया जा रहा है। दो-तीन मंजिला भवन बनाकर लोग उसमें रह रहे हैं। मालिकाना हक के लिए कई बार नगर पालिका से निवेदन किया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में बसाए गए सिंधी समाज के लोगों को मालिकाना हक दिया जा चुका है लेकिन मऊ में सिंधी समाज के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। राज्यपाल ने न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।

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