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नकलविहीन कराएं बीएड परीक्षाः दुर्गा शंकर

-मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के...

नकलविहीन कराएं बीएड परीक्षाः दुर्गा शंकर
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊWed, 07 Jun 2023 06:25 PM
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-मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

लखनऊ-विशेष संवाददाता

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि 15 जून को प्रस्तावित संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2023 को नकलविहीन व पारदर्शिता के साथ संपन्न कराएं। इसके लिए सभी तैयारियों को समय से पूरा कर लिया जाए। बीएड परीक्षा में 4,72,882 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1108 केन्द्रों पर पेयजल, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो और सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील होने चाहिए।

मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, नमांमि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति और नियोजन आदि के कार्यों की समीक्षा की गई।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिस जिले में नोडल विश्ववविद्यालय उपलब्ध हैं, वहां के नोडल अधिकारी, नोडल समन्वयक भी ट्रेजरी में गोपनीय साम्रगी के खोले जाने, जमा किये जाने के समय ट्रेजरी में उपस्थित रहेंगे। अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जल शक्ति अभियान भारत सरकार की योजना है। जिसके तहत हमें पानी संचयन के प्राचीन संसाधनों का जीर्णाोंद्धार करना है। इसमें तालाबों व ड्रेन की सफाई आदि शामिल है। सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम बनाए जाने हैं। जल शक्ति अभियान में कैच दी रेन कार्यक्रम भी शामिल किया गया है।

जालौन ने आवारा गौवंश की पेश की मिसाल

बैठक में जिलाधिकारी जालौन ने शहरी निराश्रित गौवंश संरक्षण अभियान के विषय पर प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि जिले के 11 नगर क्षेत्रों में लगभग 1500 निराश्रित गौवंश थे, जिसकी वजह से स्थानीय निवासियों में रोष था। स्वच्छता की लगातार शिकायतें मिलती थीं जबकि बाजार क्षेत्रों में दुर्घटनाएं भी होती थीं। इसके निदान के लिए गौ-संरक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसमें डीएम समेत सीडीओ, सीवीओ और स्थानीय हितधारकों को सम्मिलत किया गया है। क्यूआर कोड से सरल डोनेशन प्रक्रिया की शुरुआत के साथ प्रचार-प्रसार किया गया। निराश्रित गोवंश की समस्या से निजात के लिए एसओपी जारी की गई। 5 कैटल कैचर टीम का गठन किया गया। 25 कर्मियों का प्रशिक्षण व प्रोत्साहन प्रदान किया गया। निकटतम गौशालाओं के साथ लक्षित क्षेत्रों की मैपिंग की गई। प्रतिदिन रात 9 बजे से 12 बजे तक सघन अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप तीन सप्ताह में आवारा गौवंशों की आबादी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। निजी गौवंशों को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ा जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं और केजुअल्टी की संख्या में उल्लेखनीय कमी हुई है तो स्थानीय निवासियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली जबकि साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

कौशांबी के डीएम ने नगर पालिका मंझनपुर की बताई प्रगति

जिलाधिकारी कौशाम्बी ने नगर पालिका परिषद मंझनपुर प्रगति के पथ पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 को नगर पालिका परिषद मंझनपुर का गठन हुआ, जिसमें कुल 25 वार्ड सम्मिलित है। मंझनपुर निकाय का क्षेत्रफल 48.92 वर्ग किमी है। जनगणना-2011 के अनुसार मंझनपुर निकाय की जनसंख्या 1,04,860 है। बीते एक वर्ष में पानी निकासी के सुचारू ड्रेनेज की व्यवस्था, मंझनपुर चौराहे पर होने वाली अनाधिकृत पार्किंग की जगह नगर के तीनों मुख्य मार्गों पर अधिकृत वाहन पार्किंग स्थल का चिन्हीकरण एवं निर्माण, मंझनपुर बाजार क्षेत्र के संकरे रास्तों का अतिक्रमण हटाते हुए मार्गों का चौड़ीकरण, सड़क किनारे लगने वाली सब्जी-फल की दुकानों को हटाकर नवनिर्मित सब्जी-फल मण्डी की स्थापना समेत अनेक कार्य किए गए हैं। शहर के मुख्य चौराहे को तिरंगा थीम पर लाइट लगाई गई। मुख्य मार्ग के डिवाइडर पर हरित पट्टी निर्माण के लिए वृक्षारोपण कराये गये। नगर क्षेत्र में पड़ने वाले 6 तालाबों को सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है।

डीएम अलीगढ़ ने दिया कार्यालय अभियान पर प्रस्तुतीकरण

जिलाधिकारी अलीगढ़ ने बेहतर कार्यालय अभियान के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य कार्यालयों मे अतिरिक्त कार्यस्थल बनाना, अतिरिक्त फर्नीचर-उपकरणों को उपयोगी बनाना, आम जनमानस के लिये सुविधायें विकसित करना, पुराने भवनों को उपयोगी बनाना, शासकीय धन का अपव्यय रोकना, बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करना, कर्मचारियों में जनता के प्रति बेहतर कार्य परिवेश पैदा करना और अभिलेखीय रख-रखाव व्यवस्थित करना है। इसके तहत प्रत्येक माह निरीक्षण के लिए 25 बिंदु निर्धारित किए गए, प्रत्येक बिंदु के आधार पर चार अंक निर्धारित किए। इससे सरकारी इमारतों का रखरखाव बेहतर हुआ। 40 साल पुराने रिकॉर्ड का उचित एवं नियमानुसार निस्तारण किया गया। अनुपयोगी फर्नीचर को लगभग 40 स्कूलों में वितरित किया गया और बेहतर और अनुशासित परिवेश का सृजन हुआ।

बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आयुष लीना जौहरी, प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण बलकार सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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