अस्पताल में प्रसूता के बगल में गिरी फॉल सीलिंग
महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल में महिला वार्ड की फॉल सीलिंग गिरने से बड़ा हादसा टल गया। प्रसूता अपने नवजात शिशु के साथ बिस्तर पर थी, लेकिन गनीमत रही कि सीलिंग सीधे मरीज पर नहीं गिरी। घटना के बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया।

महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल में बड़ा हादसा टल गया। प्रथम तल के महिला वार्ड में फॉल सीलिंग भरभराकर गिर गई। घटना के समय वार्ड में भर्ती एक प्रसूता अपने नवजात शिशु के साथ बेड पर लेटी थी। गनीमत रही कि सीलिंग सीधे मरीज पर नहीं गिरी, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों व तीमारदारों में दहशत फैल गई। दो दिन पहले घटना सुबह करीब आठ बजे हुई। महिला वार्ड में बेड तीन पर फॉल सीलिंग का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। वार्ड में एक प्रसूता भी नवजात शिशु के साथ बेड पर थी। सीलिंग गिरने से वार्ड में मौजूद मरीज और कर्मचारी घबरा गए। सूचना मिलने पर अस्पताल के डॉक्टर-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एहतियातन सभी मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराया गया। इसके बाद संबंधित वार्ड को बंद कर दिया गया। मामले को अस्पताल प्रशासन दबाने में जुटा रहा। न तो घटना की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की गई और न ही इसे उच्च अधिकारियों को बताया गया। हादसे के कारणों की पड़ताल तक नहीं कराई गई। जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं。
कई वार्डों में जर्जर फॉल सीलिंग, मरीजों की जान पर खतरा
अस्पताल के कई वार्डों में फॉल सीलिंग जर्जर अवस्था में है। जगह-जगह सीलिंग उखड़ रही है। नमी के कारण प्लास्टर भी झड़ रहा है। मरीजों और कर्मचारियों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन अफसरों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।
भीषण गर्मी में पानी को तरस रहे मरीज
भाऊराव देवरस अस्पताल में ओपीडी मरीजों को पीने के पानी के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के बीच मरीज और उनके परिजन बाजार से बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। मरीजों ने अस्पताल प्रशासन से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
वर्जन
फॉल सीलिंग गिरने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। राहत की बात यह है कि किसी को कोई चोट नहीं आई। एहतियातन मरीजों को दूसरे विभागों में शिफ्ट किया गया है।
डॉ. रंजीत दीक्षित, सीएमएस, भाऊराव देवरस अस्पताल
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


