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लखनऊ : सरयू ने पार किया लाल निशान, मध्य रात्रि के बाद कमी आने की संभावना

सरयू ने पार किया लाल निशान, मध्य रात्रि के बाद कमी आने की संभावना

नदियों का हाल

सीतापुर, बहराइच और बलरामपुर जिलों में नदियों की कटान जारी

रविवार को बैराजों से कम पानी छोड़ा गया

लखनऊ हिन्दुस्तान टीम

सरयू और घाघरा नदियां उफान पर हैं। वहीं अयोध्या में सरयू नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। हालांकि दोनों जगह नदियों का जलस्तर घट रहा है। बैराजों से डिस्चार्ज में भी कमी आई है। सीतापुर में शारदा और घाघरा, बहराइच में घाघरा और बलरामपुर में राप्ती नदियों की कटान जारी है।

केन्द्रीय जल आयोग के अवर अभियंता विनय कुमार कुशवाहा ने बताया कि रविवार की शाम अयोध्या में नदी का जलस्तर 92.800 मीटर पर पहुंच गया जो कि खतरे के निशान 92.730 मीटर से सात सेमी. ऊपर है। फिर भी अनुमान है कि अगली सुबह तक जलस्तर घट कर 92.760 मीटर पर आ जाएगा। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने कहा कि शनिवार के सापेक्ष शारदा व गिरिजा बैराज से 19 हजार छह सौ क्यूसेक कम पानी छोड़ा गया है। एल्गिन बंधे से अधिक भिखारीपुर बंधे पर बढ़ी मुश्किल गोण्डा में सरयू और घाघरा नदियों का जलस्तर कम होने लगा है। घाघरा नदी डेंजर लाइन से 50 सेमी ऊपर पहुंच रविवार को दोपहर तक जलस्तर कम होकर महज 24 सेमी ऊपर रह गई है। सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने इस नदी के जलस्तर अगले 24 घंटे में अभी 23 सेमी और कम होने के संकेत दिए हैं। दोनो नदियों के डिस्चार्ज कम होने से सटे एल्गिन बंधा, रेवली व भिखारीपुर बंधों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाघरा नदी एक तरफ नकहरा और रायपुर माझा के निकट बंधे से सटकर बह रही है। वहीं सरयू नदी भिखारीपुर बंधे के तीन किमी हिस्से में खतरनाक बनी है। नदी की मुख्य धारा यहां बंधे के बार-बार ठोकर मार रही है। इससे आसपास के ग्रामीणों में बाढ़ का खौफ सता रहा है। करनैलगंल और तरबगंज तहसीलों के दो दर्जनों से अधिक गांव पहले से बाढ़ की चपेट में हैं।

घाघरा-शारदा की कटान जारी

सीतापुर के रेउसा क्षेत्र में घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में शनिवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई। वहीं कटान का सिलसिला जारी है। कटान से रेउसा क्षेत्र की लगभग 37 बीघा कृषि योग्य भूमि समाप्त हो गई है। रविवार सुबह से गौलोक कोडर के कोनी गांव में घाघरा की कटान से विशेश्वर, सतगुरु, गुरू प्रसाद, खेलावन, जावहिर, सोबरन, सिपाही, मारी, लाली, जग नारायन, संतोष, सुरेश, प्रमोद कुमार, नरेश यादव आदि की लगभग 22 बीघे कृषि योग्य भूमि का कटान जारी है। म्योड़ी छोलहा के भदिम्मरपुरवा के निवासी प्रमोद, मायाराम, छेद्दू, हरी और पटवारी के आशियाने कटान की कगार पर पहुंच रहे हैं। वहीं खेतों का कटान लगातार जारी है। ताहपुर के बाबू, अवध राम, राम जीवन, शिव कुमार, बिहारी व छोटू आदि के लगभग पन्द्रह बीघे खेतों में भी कटान जारी है। बलरामपुर जिले में राप्ती नदी का जल स्तर चेतावनी बिंदु के समीप पहुंचकर रविवार दोपहर बाद से घटना शुरू हो गया। शाम चार बजे तक जल स्तर चेतावनी बिंदु से 60 सेमी. नीचे दर्ज किया गया। जल स्तर घटते ही नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दी है। जिले के करीब सवा सौ गांवों पर कटान का खतरा है। बहराइच के महसी क्षेत्र के बौण्डी में घाघरा की कटान जारी है। जिससे किसान भूमिहीन हो रहे हैं। रविवार को मिहींपुरवा के गिरगिट्टी में एक मकान व गोलागंज व कायमपुर में तीन एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा निगल गई। रविवार को घूरदेवी स्थित स्पर पर अपराह्न एक बजे घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान 112.150 के सापेक्ष 111.240 मीटर रिकार्ड किया गया। वहीं तहसील मिहींपुरवा अन्तर्गत गिरगिट्टी के पूरबपुरवा गांव निवासी सांवली प्रसाद पुत्र बद्री का मकान रविवार की घाघरा की भेंट चढ़ गया।

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  • Web Title:Lucknow: Saryu crossed the red mark, the possibility of decline after mid-night