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नजफ के लिए लखनऊ से कनेक्टिंग उड़ान शुरू हुई

पहले यात्री रिजवी जफर अस्करी को दिया बोर्डिंग पास

मौलाना कल्बे जव्वाद बोले, यह अली को मानने वालों के लिए सबसे बड़ा तोहफा

लखनऊ प्रमुख संवाददाता

इराक के शहर नजफ के लिए लखनऊ से कनेक्टिंग उड़ान शुरू हो गई। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान को झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने नजफ जा रहे यात्री को बोर्डिंग पास भी दिया। नजफ में शिया समुदाय के पहले इमाम व रसूल के दामाद हजरत अली का रौजा है। इस कारण लखनऊ से सवा लाख जायरीन हर साल पाक नजफ शहर जाते हैं। लखनऊ में पूरे भारत में सबसे अधिक शिया समुदाय की आबादी (सवा पांच लाख) है।

एयरपोर्ट पर आयोजित इस समारोह में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन, राज्यमंत्री महेन्द्र सिंह, राज्य मंत्री स्वाति सिंह, राज्य मंत्री मोहसिन रजा, शिया समुदाय के धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद, मौलाना यासूब अब्बास के अलावा सांसद कौशल किशोर और मेयर संयुक्ता भाटिया भी मौजूद थे। इस मौके पर शिया धर्म गुरुओं ने इस उड़ान को शुरू करने के लिए केन्द्र सरकार का आभार प्रकट किया। पहले दिन विमान से 136 यात्री दिल्ली के लिए रवाना हुए। इनमें से एक रिजवी जफर अस्करी को नजफ के लिए बोर्डिंग पास दिया गया। दिल्ली से नजफ के लिए उड़ान हफ्ते में दो दिन सोमवार और गुरुवार को जा रही है। इराक के नजफ शहर के लिए बड़ी संख्या में लखनऊ से यात्री जाते हैं। अभी तक नजफ के लिए जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से 12-15 घंटे अतिरिक्त लग रहे थे। लखनऊ से दिल्ली और आगे नजफ की उड़ान मिल जाने से उनके पांच से छह घंटे बचेंगे। नजफ जाने वाले यात्रियों को दिल्ली में अलग से बोर्डिंग नहीं करानी होगी। उनको वहां सिर्फ इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करनी होगी।

चुनाव जीतने के लिए नहीं मुल्क के लिए काम करता हूं- राजनाथ सिंह

एक दिन अम्मार रिजवी से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि कई प्रधानमंत्री आए और गए लेकिन पाक शहर नजफ के लिए उड़ान नहीं शुरू हो सकी। कितनी अर्जियां दी जा चुकी हैं। इसके बाद मैंने कोशिश की। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से चर्चा की। मैं आश्वासन नहीं देता। भारतीय नेताओं ने जितने भी आश्वासन दिए हैं उसका अंश भर भी काम किया होता तो आज हमारा मुल्क पूरी दुनिया में सबसे ताकतवर होता। नजफ की उड़ान को राजनीतिक तौर पर न देखें, इससे मुझे शर्मिंदगी महसूस होगी। केवल चुनाव जीतने या सरकार बनाने के लिए राजनीति नहीं करता। मैं देश और अपने लोगों के लिए राजनीति करता हूं। चुनाव जीतूं या हार जाऊं क्या फर्क पड़ता है। किसी को ऊपरवाले ने ऐसा तो नहीं बनाया कि हमेशा जीत कर ही आए। मैं इंसानियत की सेवा करना चाहता हूं। इराक से रिश्ते और अच्छे हों। इस्लामिक शिक्षा में इराक का बहुत योगदान है। गृहमंत्री ने कहा कि मुझे शुक्रिया कहने की जरूरत नहीं। उड़ान शुरू कर के एहसान नहीं किया, यह मेरा दायित्व था।

एयरपोर्ट पर लगे ‘शेरे हिन्दुस्तान राजनाथ के नारे

शिया धर्म गुरु दशकों से नजफ के लिए उड़ान की मांग कर रहे थे। गुरुवार को जब वह दिन आ गया तो सभी गदगद थे। बड़ी संख्या में बैठे मुस्लिम समुदाय के युवकों ने राजनाथ के सम्बोधन के दौरान खूब नारेबाजी की। ‘शेरे हिन्दुस्तान राजनाथ जिन्दाबाद के नारों से बार बार एयरपोर्ट गूंज उठा।

मौलाना बोले पूर्व पीएम को दी थी अर्जी, सुनवाई नहीं हुई

इस मौके पर मौलाना आगा रूही ने कहा कि वर्ष 2004 में नजफ की उड़ान के लिए तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को अर्जी दी थी। तब चौधरी अजित सिंह उड्डयन मंत्री थे। उनसे भी कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इस उड़ान से सूफी, शिया-न्नी सभी जा सकते हैं। यह एकता की उड़ान है। आज ऐसा काम हुआ है जो ऐतिहासिक है, भुलाया नहीं जा सकता।

जो कल मुलायम सिंह ने मोदी को दुआ दी आज राजनाथ को दे रहा- मौलाना

मौलाना आगा रूही ने मंच से कहा कि कल जो मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए दुआ की वह आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लिए कर रहा हूं। इस मौके पर मौलाना हमीदुल हसन ने कहा कि मौला अली की शान में यह उड़ान एक तोहफा है। इस मौके पर मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब ने कहा था कि ‘मुझे हिन्दुस्तान से मोहब्बत की खुशबू रही है। इसी मोहब्बत के पैगाम को आगे बढ़ाना है। इमाम हुसैन और मौला अली को मानने वालों के लिए यह बड़ा तोहफा है।

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  • Web Title:lucknow new flight for Najaf